अर्जित, हर्षित ने अपने बचाव का प्रयास किया तो उनके ऊपर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। आसपास किसी ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें चाकू दिखाकर पीछे कर दिया गया।
DRI पूछताछ में राज्य के प्रोटोकॉल अफसर बसावराज इब्ब्लूर ने बताया कि रान्या की पैरवी उसके पिता करते थे। उसके पिता DGP रामचंद्र राव के कहने पर ही प्रोटोकॉल सुविधाएँ दी जाती थीं।