Homeदेश-समाजमध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक चला रहा था ईसाई धर्मांतरण का रैकेट, बंद कमरे...

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक चला रहा था ईसाई धर्मांतरण का रैकेट, बंद कमरे में हो रही थी मजहबी सभा: लालच देकर जुटाए गए थे 50+ लोग, पुलिस ने छापेमारी के बाद दबोचा

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में माड़ा थाना के एक गाँव में एक घर के भीतर सभा चल रही थी। इसमें 50 से अधिक लगो शामिल थे। इस सभा को सरकारी शिक्षक कमलेश साकेत आयोजित कर रहा था। उसका साथ अरविन्द साकेत नाम का एक आदमी दे रहा था।

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक सरकारी शिक्षक ही ईसाई धर्मांतरण करवा रहा था। उसने इसके लिए एक सभा आयोजित कर रखी थी। सरकारी शिक्षक को जिला प्रशासन ने स्पेशल टीम बना कर पकड़ा है। उसके पास से बाइबल वगैरह बरामद हुई हैं। मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश के सिंगरौली में माड़ा थाना के एक गाँव में एक घर के भीतर सभा चल रही थी। इसमें 50 से अधिक लोग शामिल थे। इस सभा को सरकारी शिक्षक कमलेश साकेत आयोजित कर रहा था। उसका साथ अरविन्द साकेत नाम का एक आदमी दे रहा था।

इस घर के भीतर ईसाइयत के विषय में लोगों को बताया जा रहा था। आरोप है कि इन लोगों को लालच देकर यहाँ लाया गया था। इन लोगों को धर्मांतरित करने की पूरी तैयारी चल रही थी। यहाँ बड़ी संख्या में बाइबिल और बाकी ईसाई साहित्य रखा हुआ था।

इसी बीच जाँच टीम यहाँ पहुँच गई और छापा मार दिया। उन्होंने जब घर को खोला तो यह सभा चलती मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कमलेश साकेत और अरविंद साकेत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इनके खिलाफ जाँच कर रही है।

पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इन लोगों का लिंक कहाँ से है और यह किसके इशारे पर काम करते हैं। सिंगरौली के जिला कलेक्टर ने बताया है कि इससे पहले भी यहाँ धर्मांतरण की सूचना मिल चुकी थी, इसलिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। जब दूसरी बार सूचना आई तो उसे छापा मारकर पकड़ लिया गया।

मध्य प्रदेश में यह घटना ऐसे समय में आई है जब धर्मांतरण कानून को और मजबूत किए जाने की बात चल रही है। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धर्मांतरण करवाने वालों के लिए फांसी की सजा देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार इस सजा के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून और मजबूत करेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -