106 साल पुराने इस मंदिर का जीर्णोद्धार साल 2021 में भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से किया था। लोग इस मंदिर को बहुलवादी संस्कृति का प्रमाण मानते हैं।
शिकायत की प्रति के साथ कॉल करने वाले के नंबर की डिटेल्स और उसकी तस्वीर भी शेयर की गई है। आरोप है कि इंस्पेक्टर इंचार्ज के आदेश पर उक्त पुलिस अधिकारी ऐसा कर रहा था।