दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाँच सदस्यों को आईपीसी की धारा 121ए के तहत अपराध के लिए दी गई सजा को बदलकर उम्रकैद से 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया।
जस्टिस दाश बीते 15 वर्षों से हाई कोर्ट में जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट तीसरे सबसे वरिष्ठ जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट से पहले ओडिशा हाई कोर्ट में भी जज रहे हैं।
बताया जा रहा है कि AAP के 'चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर' विकास कुमार ने इस करतूत को अंजाम दिया है। असल में ये पत्रकार विदेशी फंडिंग के मामले में सवाल पूछ रहे थे।