दिल्ली पुलिस को जैसे ही खालिस्तानी नारे लिखे जाने की सूचना मिली, तुरंत टीम ने घटनास्थल के लिए कूच किया। वहाँ लिखे देश विरोधी नारों को फ़िलहाल मिटा दिया गया है।
भाई-बहन को मेडिकल कॉलेज रवींद्र नगर में भर्ती करवाया गया लेकिन राधेश्याम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान मौत।