जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा, "सत्ता का मुखिया एक धार्मिक व्यक्ति होना चाहिए क्योंकि धार्मिक व्यक्ति का जीवन भोग-विलास का नहीं बल्कि त्याग और समर्पण का होता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ जी हैं।"
न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने कहा था कि जातियों में समस्या है लेकिन यह व्यवस्था एक सदी से भी कम पुरानी है और इसका दोष पुरातन वर्ण व्यवस्था पर नहीं मढ़ा जा सकता।"
फरवरी, 2024 में दिल्ली पुलिस और NCB ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था। पता चला था कि इस पूरे रैकेट का सरगना तमिलनाडु का रहने वाला जाफ़र सादिक है जो कि सत्ताधारी DMK का पदाधिकारी था।