"मिशनरियों के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। मेरे बेटे के जाल में फँसने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा था। मेरी पत्नी शाम को पूजा करती थी तो वो आपत्ति जताता था।"
उत्तरकाशी की सुरंग में फँसे मजदूरों की संख्या 40 नहीं, 41 है। इन्हें बचाने के लिए सुरंग में रुक-रुक कर ड्रिलिंग की जा रही है ताकि वाइब्रेशन से और मलबा न गिरे।
इस मामले की चर्चा सोशल मीडिया में भी है। लोग ऐसी दरिंदगी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मरने के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियाँ?
हलाल सर्टिफिकेशन को धंधा बनाकर चलाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होगी, जो तेल, साबुन, टूथपेस्ट, मधु समेत कई अन्य शाकाहारी उत्पादों को भी हलाल प्रमाण पत्र दे रही हैं।