विचार

कभी हथौड़ा लेकर ‘शक्ति प्रदर्शन’, कभी शिक्षकों से बदसलूकी: गली के गुंडों की फोटोकॉपी बने छात्र नेता, अब बिगड़ैल राजनीति पर अंकुश समय की...

जो प्रत्याशी या संगठन धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल नहीं करता, या उसके इस्तेमाल में झिझकता है; उसे कमजोर मान लिया जाता है। पूरी चुनावी व्यवस्था इतनी दूषित हो चुकी है कि सही और सकारात्मक  साधनों से लड़कर चुनाव जीतना लगभग असंभव है।

लालू की लालटेन में तेल भरने को तैयार नहीं राहुल गाँधी, NSUI के लिए PK ने दी कुर्बानी: क्या कन्हैया के बहाने बिहार में...

क्या बिहार में इस बार एक त्रिकोणीय मुक़ाबला देखने को मिलेगा, जहाँ कॉन्ग्रेस पार्टी PK के साथ गठबंधन में होगी? राहुल गाँधी ने शक्ति-प्रदर्शन के जरिए राजद को दिया सन्देश?

राम मंदिर, 370, तीन तलाक, वक्फ… धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय: धैर्य का यह पाठ BJP समर्थकों को भी इस स्थापना...

महान दार्शनिक प्लेटो का कहना है कि जो काम एक आदमी एक घंटे में राजतंत्र में करता है, वही काम लोकतंत्र में 7 आदमियों की समिति मिलाकर 7 दिन में करती है।

BJP संख्याबल को लेकर आश्वस्त, RSS का हिन्दू हित पर ज़ोर: काफूर हो चुकी है विपक्ष की 240 वाली ख़ुशी, वक़्फ़ बिल ने समर्थकों...

भाजपा मिशन मोड में है। ऐसा न होता तो पार्टी के बड़े नेता रात-रात भर जाग कर संसदीय चर्चाओं में हिस्सा नहीं लेते। विपक्ष की ख़ुशी काफूर हो गई है।

खतरे में है हर हिंदू, सरकारी सुरक्षा के भरोसे हम जीवनभर नहीं बैठ सकते… पर कवर्धा का ‘सुरक्षा मॉडल’ आत्मसात तो कर ही सकते...

कवर्धा के ​हिंदू जिस तरह दुर्गेश देवांगन के परिवार की ढाल बने, क्या उसी तरह हर पीड़ित हिंदू परिवार का हम बन सकते हैं सुरक्षा कवच?

न्यायपालिका में सुधार के लिए आया NJAC, पर सुप्रीम कोर्ट ने ही कर दिया खारिज: जज ही जज नियुक्त करेंगे, जज ही जज की...

सुप्रीम कोर्ट में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। उस पर भाई-भतीजावाद के भी आरोप लगते रहते हैं। इसको देखते हुए न्यायिक सुधार की जरूरत है।

JNU वाली बकलोली बंद करो कन्हैया कुमार! सड़कों से पानी की नहीं होती चोरी, आता है विकास: अपने मालिक (राहुल गाँधी) से पूछो उसके...

एक समय था कि मजदूरों को पूंजीपतियों और विकास के विरुद्ध भड़का कर कम्युनिस्ट नेतागिरी चमकाया करते थे। अब वह दौर नहीं रहा। कन्हैया की इस राजनीति को बिहार नहीं स्वीकार करने वाला है।

कंगना रनौत, केतकी चिताले, सुनैना होले… ने जो झेला उसके तो कुणाल कामरा ने अभी दर्शन भी नहीं किए, फिर भी फट गई लिबरलो...

सबसे अधिक दोगलापन तो कुणाल कामरा का ही विक्टिम कार्ड खेलना होगा। आज बोलने की आजादी पर रोने वाला कुणाल कामरा कंगना रनौत का दफ्तर BMC द्वारा गिराए जाने पर अट्टाहास कर रहा था।

जो तुष्टिकरण से करे प्यार, वो इफ्तार से कैसे करे इनकार: राम मंदिर-महाकुंभ को No-No, मुस्लिम लीग को YES; कॉन्ग्रेस की राजनीति का यही...

महाकुंभ से पहले ठीक एक वर्ष पहले भी गाँधी परिवार ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी प्राथमिकताएँ क्या हैं। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हिन्दुओं को मिले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण कॉन्ग्रेस ने ठुकरा दिया था।

‘बुलडोजर’ से कुचल दिया माफिया-गुंडों का राज, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना UP, मिथकों को किया ध्वस्त: CM योगी ने 8 साल...

योगी आदित्यनाथ ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के 8 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए, जो उत्तर प्रदेश जैसे विशाल प्रदेश के लिए एक रिकॉर्ड है।

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