विचार

महंत अवैद्यनाथ: एक संत, एक योद्धा और एक समाज सुधारक, जिन्होंने राम मंदिर के लिए बिगुल फूँका और योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्व को निखारा

सन 1919 में जन्मे महंत अवैद्यनाथ को पहले 'कृपाल सिंह बिष्ट' के नाम से जाना जाता था। उन्हें योगी आदित्यनाथ के रूप में अपना उत्तराधिकारी मिला।

PM की इफ्तार पार्टी में CJI का जाना ‘सेकुलरिज्म’, मुख्य न्यायाधीश की गणेश पूजा में प्रधानमंत्री का होना ‘लोकतंत्र पर खतरा’: इतना दोगलापन कहाँ...

न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए इसका ज्ञान लिबरलों को कभी तब नहीं आया था जब इफ्तार पार्टियों में नेताओं की शिरकत दिखती थी।

जिस लाल चौक पर कॉन्ग्रेसी गृहमंत्री की ‘फटी’ थी, वहाँ आम भारतीय लहरा रहे तिरंगा: PM मोदी का करिए धन्यवाद, सुशील शिंदे के कबूलनामे...

UPA की सरकार में गृह मंत्री रहे सुशील शिंदे ने अनुच्छेद 370 से पहले के कश्मीर की स्थिति बताते हुए कहा कि उन्हें लाल चौक पर डर लगता था।

जब राहुल गाँधी के पिता थे PM, तब सिखों की उतारी पगड़ियाँ-काटे केश… जलाए गए जिंदा: 1984 नरसंहार का वह इतिहास जिसे कॉन्ग्रेस नेता...

राहुल गाँधी ने अमेरिका में यह बताने की कोशिश की है कि भारत में भारत में सिखों को पगड़ी और कड़ा पहनने की इजाजत नहीं है, जबकि इसी कॉन्ग्रेस के रहते सिखों का नरसंहार किया गया था।

सबकी हो भागीदारी, विदेशी पैसे पर लगे रोक… इन 9 सुझावों पर गौर कर वक्फ बिल को प्रभावी बना सकती है JPC, इसके बिना...

नए वक्फ बिल में व्यवस्था की जानी चाहिए कि कोई भी सम्पत्ति ऐसे ही वक्फ ना घोषित कर दी जाए, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।

राजनीति में नया नहीं है ‘स्पोर्ट्स कोटा’, लेकिन कॉन्ग्रेस का पटका पहनने को बजरंग पुनिया-विनेश फोगाट ने चले जो दाँव उससे खेल-खिलाड़ी की साख...

राजनीतिक दल की सदस्यता लेनी खिलाड़ियों के लिए नई बात नहीं है। लेकिन बजरंग और विनेश ने जिस तरह से पॉलिटिकल एंट्री ली है, उससे खिलाड़ियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।

कला, विज्ञान, गणित… 1000 साल तक सब फूले-फले, फिर ‘कुल (जाति) की राजनीति’ में डूब गया सबसे ताकतवर गणराज्य: क्या जातीय जनगणना पर सियासत...

आज राहुल गाँधी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं द्वारा माँग की जा रही जाति जनगणना हो, लेकिन नीचे के पायदान पर बचे लोगों की भलाई के लिए हो।

जब ‘सद्भावना’ दिखाने के लिए कॉन्ग्रेस सरकार ने 25 आतंकियों को छोड़ दिया… जिस शाहिद लतीफ़ को बॉर्डर पार कराया, फिर उसी ने पठानकोट...

उसे सियालकोट क्षेत्र का प्रभार जैश द्वारा दिया गया था और भारत में आतंकी संगठन का कैडर तैयार करने का काम वही सँभालता था। वो मसूद अज़हर का करीबी था।

इस्लामी आतंकियों और बुरहान वानी को हीरो मानने वालों को कितने वोट: जम्मू-कश्मीर की जनता का लिटमस टेस्ट होगा विधानसभा चुनाव, अब्दुल्ला-मुफ्ती के लिए...

गांदरबल एक ओर हमेशा से नेशनल कॉन्फ्रेंस का मजबूत किला रहा है, वहीं दूसरी ओर इस बार के चुनावी समीकरण पहले से काफी जटिल हो गए हैं।

न टास्क फोर्स, न पॉक्सो अदालतों का गठन, पत्र भेजती रही मोदी सरकार… जब महिलाओं को देनी थी ‘सुरक्षा’ तब सोई रही बंगाल सरकार,...

चुनावी हिंसा, संदेशखली और चोपरा में पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ममता बनर्जी ने क्या कार्रवाई की? केंद्र सरकार बार-बार टास्क फ़ोर्स और पॉक्सो अदालतों के गठन के लिए पत्र भेजती रही, TMC सरकार सोई रही।

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