विचार

तिरुपति बालाजी प्रसाद में चर्बी: 189 साल पहले रची गई साजिश का नतीजा, आज भी भोग रहा हिंदू समाज

सनातन आस्था के सबसे बड़े केन्द्र तिरुपति बालाजी के प्रसादम् में गाय और सुअर की चर्बी की मिलावट का मामला बेहद निंदनीय और गहरा षड्यंत्र है।

अर्चना तिवारी ‘पत्रकार’ नहीं, उस पर एक्शन ले कश्मीर पुलिस, क्योंकि उससे बात करते ही बाहर आ जाता है कश्मीरियों का ‘जहर’: यास्मीन खान...

अर्चना तिवारी के सवालों के जवाब में कश्मीरी मुसलमान जो जवाब दे रहे हैं वो लोगों तक न पहुँचें इसलिए यास्मीन खान चाहती हैं कि अर्चना तिवारी को गिरफ्तार किया जाए।

झूठे मामलों की वजह से कोर्ट पर दबाव, पति और ससुराल पक्ष को प्रताड़ना: जानिए घरेलू हिंसा से जुड़े कानून की समीक्षा क्यों है...

जिस तरह से विवाहित महिलाओं की हितों की रक्षा के लिए महिला आयोग है, उसी तरह पुरुषों को प्रताड़ना से बचाने के लिए पुरुष आयोग बने।

गुलाम भारत में अंग्रेज नहीं खिला पाए चर्बी, स्वतंत्र भारत में तिरुपति के बीफ वाले लड्डू खिला दिए: क्या दक्षिण से उठेगी सनातन रक्षा...

ये हिंदू हैं विश्वास पर इतना बड़ा आघात हो गया और ये शांत हैं... सोशल मीडिया परअपना विरोध दिखा रहे हैं। क्या अगर ये किसी और मजहब के लोगों के साथ होता तो उनकी प्रतिक्रिया ऐसी होती।

हरियाणा में वही ‘रेवड़ी मॉडल’ लेकर आई कॉन्ग्रेस, जिसने कर्नाटक-हिमाचल की अर्थव्यवस्था को किया तबाह: कब आर्थिक प्रबंधन सीखेंगे राजनीतिक दल?

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने मेनिफेस्टो जारी किया है। उसने इस बार भी हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसे कई 'रेवड़ी' वादे किए हैं।

नंदू पासवान और गौतम पासवान के विवाद में जली नवादा की महादलित बस्ती, ‘बहुजनों पर हमला’ बता जाति की आग लगाने निकल पड़े राहुल...

बिहार को एक बार फिर से जातीय हिंसा की आग में झोंकने की कोशिश की जा रही है। नवादा में महादलित समुदाय के दर्जनों घरों में आग लगा दी गई।

ईद-ए-मिलाद पर ट्रैफिक से लेकर पुलिस-प्रशासन सब की व्यवस्था, कैद में भगवान गणेश की मूर्ति: कर्नाटक में और क्या-क्या करेगी कॉन्ग्रेसी सरकार?

ईद-ए-मिलाद के लिए सरकार इतनी चौकन्नी है, तो गणेश चतुर्थी पर ऐसा क्या हो गया कि भगवान गणेश की मूर्ति को पुलिस की हिरासत में रखना पड़ा?

13 सितंबर का वह फैसला जिसकी काट नहीं खोज पाया कॉन्ग्रेस का इकोसिस्टम, जिसके कारण आज भी बेचैन है लिबरल-वामपंथी गैंग

भाजपा ने रिस्क लिया। मोदी जीते। सिर्फ एक बार नहीं। आज भी उनके मुकाबले में कोई नहीं दिखता।

महंत अवैद्यनाथ: एक संत, एक योद्धा और एक समाज सुधारक, जिन्होंने राम मंदिर के लिए बिगुल फूँका और योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्व को निखारा

सन 1919 में जन्मे महंत अवैद्यनाथ को पहले 'कृपाल सिंह बिष्ट' के नाम से जाना जाता था। उन्हें योगी आदित्यनाथ के रूप में अपना उत्तराधिकारी मिला।

PM की इफ्तार पार्टी में CJI का जाना ‘सेकुलरिज्म’, मुख्य न्यायाधीश की गणेश पूजा में प्रधानमंत्री का होना ‘लोकतंत्र पर खतरा’: इतना दोगलापन कहाँ...

न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए इसका ज्ञान लिबरलों को कभी तब नहीं आया था जब इफ्तार पार्टियों में नेताओं की शिरकत दिखती थी।

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