विचार

बालपन की कुछ सफेद कहानियाँ और काले कपड़ों वाली कॉन्ग्रेस…

कॉन्ग्रेस के कर्म ऐसे हैं कि काले कपड़ों में प्रदर्शन कर वह उन्हें ढक नहीं सकती। इसलिए संसद से सड़क तक जुमे पर उसने जो सियासी तमाशा किया, वह बेअसर साबित हुई।

जेल से बाहर आते ही PR इंटरव्यू, ट्वीट भी करने लगा जुबैर; लेकिन नहीं माँगी उस आग की माफी जिसमें जले उमेश, कन्हैया और...

देश में आग लगाने वाला मोहम्मद जुबैर इंटरव्यू पर इंटरव्यू दे रहा। तस्लीम रहमानी डिबेट्स में वापस आ गया। नूपुर शर्मा और उनके परिवार की मजबूरी है छिप कर रहना।

नाचो-गाओ, देह दिखाओ… सब मजहब को कबूल; लेकिन मंदिर जाना-फरमानी नाज का ‘हर-हर शंभू’ गाना गैर मजहबी: एक इस्लाम के दो पैमाने क्यों

फरमानी नाज की एक भजन वीडियो रिलीज होने के बाद कट्टरपंथी उन्हें मजहब का ज्ञान देने में लगे हैं जबकि फरमानी का कहना है कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता।

दरगाहों से हिंदुओं ने मोड़ा मुँह तो गैर इस्लामी हुआ ‘सिर तन से जुदा’, उस PFI की कुर्बानी भी कबूल जो भारत को मुस्लिम...

जिस आर्थिक बहिष्कार की बात होती है, वह हिंदू आज भी नहीं कर पाए हैं। लेकिन हिंदुओं के छिटपुट प्रयासों और दगाहो-मजारों पर सन्नाटे ने इनकी छटपटाहट बढ़ा दी है।

प्रवीण नेट्टारू की हत्या से लेकर प्रोफेसर का हाथ काटने तक: PFI और शरिया कोर्ट, इस्लामीकरण के विरोधी हिंदुओं के कत्लेआम का फरमान

कर्नाटक में BJYM नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या में PFI की भूमिका सामने आ रही है। इसकी शरिया कोर्ट के आदेश पर ही प्रोफेसर का हाथ काटा गया था।

प्राणघातक ‘पड़ोसी’, जानलेवा ‘पहचान’: प्रवीण हो या कन्हैया लाल या फिर उमेश कोल्हे… हर हिंदू की हत्या में कश्मीर वाला पैटर्न

हाल की घटनाओं ने लोगों को ध्यान दिलाया है कि मुस्लिम दोस्त, पड़ोसी और सहकर्मियों ने ही हिंदुओं की हत्याओं में भूमिका अदा की है।

1000 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव परिणाम तय करने वाला अल्पसंख्यक कैसे? संविधान में सभी समान, फिर विदेशी संप्रदाय के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय क्यों?

क्या उस समुदाय को अल्पसंख्यक कह सकते हैं जो भारत के लगभग लगभग 200 लोकसभा और 1000 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव परिणाम तय करता हो?

स्मृति ईरानी पर वार के लिए कॉन्ग्रेस ने अपनाए पुराने पैंतरे, बेटी को बनाया निशाना: चुनावी हताशा की लड़ाई लड़ रहे राहुल गाँधी के...

किसी महिला को नीचा दिखाने का सबसे आसान तरीका क्या है? खासतौर से तब जब उसने किसी विशेष व्यक्ति को उसके ही गढ़ में मात दी हो?

40 में से 35 धरोहर हमारे, फिर धूर्त इतिहासकारों ने क्यों किया मुगलों का गुणगान? कुल्फी-समोसे से लेकर कुलचे तक का क्रेडिट, ‘काफिरों’ को...

वामपंथी इतिहासकारों ने मुगलों के नाम पर ऐसी कहानी रची कि लगा भारत में सब कुछ मुगलों की ही देन है। अगर मुगल नहीं होते तो भारत ही नहीं होता।

पंजाब से नहीं लिया ज्ञान, आपसी खींचतान से छत्तीसगढ़-कर्नाटक कॉन्ग्रेस हलकान: दिल्ली दरबार में पहुँचे CM बघेल, सिंहदेव भी पहुँचे बिगाड़ने खेल

छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन दोनों में राज्यों में कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं के बीच खींचतान शुरू हो गई है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें