नीरज चोपड़ा वाले भारत को रणवीर सिंह जैसों की जरूरत नहीं। हमारे समय, प्रेम, पैसे से बनकर बॉलीवुड के भांड हमें ही दबंगई नहीं दिखा सकते। इनकी रस्सी जल चुकी है, बल भी जाएगा ही।
द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी ने न केवल यशवंत सिन्हा का समर्थन करने वाले दलों को व्याकुल कर दिया है, बल्कि हिंदुओं के धर्मांतरण में लिप्त ईसाई मिशनरियों को भी इससे तगड़ा झटका लगा है।