पूरे विश्व में हर तीन में से एक महिला किसी न किसी तरह के उत्पीड़न/ हिंसा का शिकार होती हैं। समय की माँग है कि हम एक जागरूक नागरिक की भांति आत्ममंथन करें।
NBT का आर्टिकल को पढ़ने से प्रतीत होता है कि यह नदीम के दृष्टिकोण से लिखा गया है। एक विशेष एजेंडे के साथ परोसा गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मजहब विशेष के लोग प्रेम के मसीहा हैं, पर ये हिंदू हैं कि वे प्यार के दुश्मन बने बैठे हैं।
श्रद्धा वाकर की ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर हैं जिसमें उसके चेहरे पर पिटाई के निशान हैं। ये निशान सवाल करते हैं कि आखिर उसने आफताब को क्यों नहीं छोड़ा होगा?
भले 500 साल के संघर्ष के बाद हिंदुओं को अयोध्या में मंदिर का अधिकार मिला, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए भी उनका 'समर्पण' ऐसा है कि पैसा देने के मामले में मुस्लिमों को ही पीछे छोड़ दिया है।
कॉन्ग्रेस G-20 के लोगो में जिस कमल के फूल की कर रही आलोचना, वह सिर्फ भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं, सनातन धर्म में भी विशेष महत्व रखता है। देश का राष्ट्रीय फूल है।