लिबरल गिरोह और उसके इकोसिस्टम के लोगों के लिए अब अपने एजेंडा को छिपाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। अब ये इकोसिस्टम पूरी बेशर्मी के साथ अपना एजेंडा चलाता है।
पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव के समय बनी राहुल गाँधी की नव हिंदू की छवि अब लगभग ख़त्म हो चुकी है, ऐसे में कॉन्ग्रेस घूम-फिर कर अपनी मूल कक्षा में जा पहुँची है।
नीरज चोपड़ा का नाम लेकर कई वामपंथी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कुतर्क है कि नीरज किसान के बेटे हैं इसलिए उन्हें अवार्ड नहीं मिला।
लिबरल गैंग की समस्या हिन्दू धर्म, परंपरा, मान्यताओं और प्रतीकों से है क्योंकि हिन्दू बहुल देश में हिन्दुओं की बात करना ही वामपंथियों के हिसाब से सांप्रदायिक हो जाता है।