विचार

झूठ, फेक न्यूज़, प्रोपेगेंडा, चोरी पकड़े जाने पर शोर… त्रिपुरा ने फिर साबित किया लेफ्ट-लिबरल गिरोह के लिए एजेंडा ही सबकुछ

लिबरल गिरोह और उसके इकोसिस्टम के लोगों के लिए अब अपने एजेंडा को छिपाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। अब ये इकोसिस्टम पूरी बेशर्मी के साथ अपना एजेंडा चलाता है।

वीर दास जैसों की भारत घृणा ‘अभिव्यक्ति की आजादी’, कंगना की अभिव्यक्ति ‘घृणा’: कुंठा की ये नंगई नहीं चलेगी लिबरलों

जो कंगना रनौत की बातों के विरोध में किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं, वही वीर दास के लिए अभिव्यक्ति की आजादी का हथियार चला रहे।

वो कार्टूनिस्ट थे, ये कार्टून डालने पर पीटते हैं: ‘नीच मानुष’ के साथ सत्ता भोग रहे उद्धव, पिता को जेल भेजने वाले को बना...

बाल ठाकरे कार्टूनिस्ट थे। अब शिवसेना कार्टून फॉरवर्ड करने पर पिटाई करती है। जिस छगन भुजबल ने शिवसेना तोड़ी थी, वो अब मंत्री हैं। सब कुछ बदल गया।

मॉडरेट मुस्लिम कुछ नहीं होता, मुस्लिम केवल मुस्लिम होता है: सलमान खुर्शीद बता रहे- हिंदुओं पर राज करना मुसलमानों का अधिकार

सलमान खुर्शीद के मन में इतिहास, तथ्य और तर्क के लिए जरा भी सम्मान होता तो वे हिंदुत्व के लिए ऐसी बात न करते।

तब रोहिंग्या, इस बार त्रिपुरा बना रजा अकादमी का हथियार; दोनों बार निशाने पर हिन्दू और जला महाराष्ट्र: लाचारी या मुस्लिम तुष्टिकरण

रजा अकादमी ने अपनी जायज नाजायज माँगों को आगे रखकर महाराष्ट्र में बार-बार अपनी ताकत दिखाने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं दिया है।

‘हिंदुत्व=बोको हराम=ISIS’: संयोग नहीं सलमान खुर्शीद का प्रयोग, घूम-फिर कर मुस्लिम तुष्टिकरण की मूल कक्षा में लौटी कॉन्ग्रेस

पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव के समय बनी राहुल गाँधी की नव हिंदू की छवि अब लगभग ख़त्म हो चुकी है, ऐसे में कॉन्ग्रेस घूम-फिर कर अपनी मूल कक्षा में जा पहुँची है।

‘किसान का बेटा है नीरज चोपड़ा इसलिए मोदी ने नहीं दिया पद्म पुरस्कार’ : जानें वामपंथियों के कुतर्क कहाँ हुए फेल

नीरज चोपड़ा का नाम लेकर कई वामपंथी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कुतर्क है कि नीरज किसान के बेटे हैं इसलिए उन्हें अवार्ड नहीं मिला।

पेरियार ने मनाया था शोक, आंबेडकर के लिए बाकी थी ‘सच्ची आज़ादी’, लेफ्ट ने कहा था ‘झूठी आज़ादी’: फिर कंगना पर बवाल क्यों?

आंबेडकर ने बताया था 'ट्रू सेन्स' में आज़ादी कब मिलेगी। पेरियार ने 15 अगस्त, 1947 को शोक मनाया था। वामपंथियों ने कहा था - 'ये आज़ादी झूठी है।'

दिवाली, पटाखे, पर्यावरण की रक्षा का प्रश्न और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविज्म का मारा हिंदू

पहले जुडिशियल एक्टिविज्म से परेशान आम हिंदू अब एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविज्म से भी परेशान है।

बाबा के दरबार में PM मोदी को देख चिढ़ गए दरबारी इतिहासकार, सनातन संस्कृति का उत्थान ही रामचंद्र गुहा जैसों की दुखती रग

लिबरल गैंग की समस्या हिन्दू धर्म, परंपरा, मान्यताओं और प्रतीकों से है क्योंकि हिन्दू बहुल देश में हिन्दुओं की बात करना ही वामपंथियों के हिसाब से सांप्रदायिक हो जाता है।

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