सामाजिक मुद्दे

दुर्गा पंडाल में कहीं ‘काबा-मदीना’ तो कहीं ‘ईसा मसीह’, उस दिन से डरो सेकुलरों जब धैर्य की प्रतीक्षा खत्म होगी

ममता बनर्जी एक दुर्गा पंडाल में TMC नेता के 'काबा-मदीना' गाने पर ताली बजाती दिखी हैं। इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। देश में बार-बार हिंदू आस्था पर हमले किए जा रहे हैं।

ना हिंसा, ना आगजनी और ना पथराव: हिंदुओं ने इस्लामी कट्टरपंथियो को ‘I Love Mahadev’ से दिया जवाब

इस्लामी कट्टरपंथियो की हिंसा के जवाब में हिंदुओं ने 'I Love Mahadev' का ट्रेंड शुरू किया है। देश के कई शहरों में इससे जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं।

नहीं ‘पाप’ का भागी केवल व्याध (कॉन्ग्रेस+सुप्रीम कोर्ट), सुषुप्त हिंदुओं का भी समय लिखेगा ‘अपराध’

बानू मुश्ताक ने मैसूर दशहरा महोत्सव का उद्घाटन किया है। क्या कॉन्ग्रेस और सुप्रीम कोर्ट ही इसकी दोषी है? सुषुप्त हिंदुओं का कोई दोष नहीं?

‘भगवान से खुद कुछ करने को कहो’: यदि मूर्ति ठीक करने की गुहार का जवाब ये है तो फिर अदालतों की जरूरत ही क्या...

CJI बीआर गवई ने तंज कसते हुए कहा, “जा के अपने भगवान से प्रार्थना करो।” लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर प्रार्थना ही जवाब है, तो अदालतें क्यों?

संघर्ष, सेवा, समर्पण और संस्कार की भट्ठी में तपकर 100 वर्ष का हुआ है RSS का संगठन: अब राष्ट्रहित के ‘पंच परिवर्तन’ से परम...

संघ ने समाज सेवा, स्वदेशी, शिक्षा, ग्राम-विकास, आपदा-राहत, वनवासी कल्याण  और सामाजिक समरसता आदि अनेक क्षेत्रों में काम करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।

विवाह- भारतीय संस्कृति की आत्मा… लिव-इन रिश्ते सिर्फ ‘आकर्षण’ पर टिके : युवा दोनों के बीच समझें अंतर, दूर रहें अकेलेपन और डिप्रेशन से

आज का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप वास्तव में आधुनिकता का प्रतीक है या फिर यह हमारे समाज और संस्कृति को खोखला करने वाली एक सोच है?

सेक्स चाहिए या शिक्षा… 16-18 साल के बच्चे खुद करें तय: फर्जी लिबरलपंती में न हों बर्बाद, जानें क्या हो सकते हैं दुष्परिणाम

जो लोग 18 से कम उम्र में सहमति से सेक्स का अधिकार देने की माँग कर रहे हैं उनसे पूछा जाना चाहिए वो युवाओं को स्वालंबी बनता देखना चाहते हैं या सेक्स का आदी।

‘तुम काँवड़ लेकर मत जाना’: बच्चों को भविष्य की सलाह नहीं, वामपंथी प्रोपेगेंडा है बरेली के टीचर की कविता, शिक्षा के बहाने हिन्दुओं की...

उत्तर प्रदेश के बरेली में बच्चों को हिन्दू मान्यताओं के खिलाफ भड़काने वाले एक शिक्षक के ऊपर FIR दर्ज हुई है। इस शिक्षक का नाम रजनीश गंगवार है।

‘छांगुर पीर’ भय-लालच से त्यागी को बनाता है वसीम अकरम, पंडित शंखधर के पास तीन तलाक से मुक्ति के लिए आती है शबनम: बिलबिलाओ...

छांगुर बाबा ने हिन्दुओं का इस्लाम में जबरन धर्मांतरण करवाया जबकि जबकि पंडित शंखधर ने स्वेच्छा से सनातन में आने वालों की घर वापसी करवाई।

मुहर्रम और काँवड़ यात्रा के आते ही शुरू हुआ ‘शांति समितियों’ के साथ बैठकों का दौर, हिंसा के बाद पीड़ित ‘बहुसंख्यक’ ही ठहराए जाएँगे...

एक सवाल बार-बार उठता है - हिंसा हो या न हो, दोष ज्यादातर हिंदुओं पर ही क्यों डाला जाता है? आखिर यह खेल क्या है?

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