सामाजिक मुद्दे

वे ‘मजहब’ के नाम पर फिदायीन बनते हैं, पर लिबरल-इस्लामी गैंग चाहता है कि ‘मजहब’ की बात न हो; इसलिए आतंकी उमर नबी का...

आतंकी उमर नबी की वीडियो सामने आने पर लिबरल और इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए। इसे मीडिया का घिनौना रूप बताया और 'आतंक का कोई धर्म नहीं होता' वाले कथन को नकारा।

दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बाद चर्चा में ‘व्हाइट कॉलर जिहाद’, सुरक्षा एजेंसियों को तोड़ना ही होगा ये मकड़जाल

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ विस्फोट उच्च शिक्षित पेशेवरों द्वारा रचा गया 'व्हाइट कॉलर जिहाद' था। यह मॉड्यूल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद सक्रिय हुआ।

इबादतगाह को छोड़ क्यों मजहबी भीड़ को सुहाती हैं खुली सड़कें और एयरपोर्ट, समझिए ये अकीदा है या शक्ति प्रदर्शन?

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लोगों के खुले में नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या यह किसी शक्ति प्रदर्शन की कोशिश तो नहीं है।

शशांकासन का नमाज से नहीं कोई लेना-देना, फिर भी पकड़े जाने पर ‘मजहबी टीचर’ देते हैं एक ही तर्क: जानिए ‘सजदा’ और ‘योग’ की...

जिस नमाज और शशांकासन को एक जैसा बताकर मुस्लिम टीचर हिंदू बच्चों को स्कूलों में करवाते प्रयास, उनकी दोनों की मुद्रा में जमीन-आसमान का अंतर है।

गुजारा भत्ता की मार ने पुरुषों को बनाया कर्जदार: तलाक की प्रक्रिया में लुटती बचत और समाज की बेरुखी से जूझती जिंदगी

तलाक के बाद 42% पुरुष गुजारा भत्ता चुकाने के लिए ऋण लेने पर मजबूर हुए हैं। यह ना केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी पुरुषों को तोड़ देता है।

दुर्गा पंडाल में कहीं ‘काबा-मदीना’ तो कहीं ‘ईसा मसीह’, उस दिन से डरो सेकुलरों जब धैर्य की प्रतीक्षा खत्म होगी

ममता बनर्जी एक दुर्गा पंडाल में TMC नेता के 'काबा-मदीना' गाने पर ताली बजाती दिखी हैं। इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। देश में बार-बार हिंदू आस्था पर हमले किए जा रहे हैं।

ना हिंसा, ना आगजनी और ना पथराव: हिंदुओं ने इस्लामी कट्टरपंथियो को ‘I Love Mahadev’ से दिया जवाब

इस्लामी कट्टरपंथियो की हिंसा के जवाब में हिंदुओं ने 'I Love Mahadev' का ट्रेंड शुरू किया है। देश के कई शहरों में इससे जुड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं।

नहीं ‘पाप’ का भागी केवल व्याध (कॉन्ग्रेस+सुप्रीम कोर्ट), सुषुप्त हिंदुओं का भी समय लिखेगा ‘अपराध’

बानू मुश्ताक ने मैसूर दशहरा महोत्सव का उद्घाटन किया है। क्या कॉन्ग्रेस और सुप्रीम कोर्ट ही इसकी दोषी है? सुषुप्त हिंदुओं का कोई दोष नहीं?

‘भगवान से खुद कुछ करने को कहो’: यदि मूर्ति ठीक करने की गुहार का जवाब ये है तो फिर अदालतों की जरूरत ही क्या...

CJI बीआर गवई ने तंज कसते हुए कहा, “जा के अपने भगवान से प्रार्थना करो।” लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर प्रार्थना ही जवाब है, तो अदालतें क्यों?

संघर्ष, सेवा, समर्पण और संस्कार की भट्ठी में तपकर 100 वर्ष का हुआ है RSS का संगठन: अब राष्ट्रहित के ‘पंच परिवर्तन’ से परम...

संघ ने समाज सेवा, स्वदेशी, शिक्षा, ग्राम-विकास, आपदा-राहत, वनवासी कल्याण  और सामाजिक समरसता आदि अनेक क्षेत्रों में काम करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें