"दोषियों को सजा देना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस बल किसी भी हद तक जा सकती है और सरकार सजा देने के कानूनी तरीकों में भी बदलाव कर सकती है।"
कैबिनेट मंत्री ने बसपा प्रमुख मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती इस मामले की संवेदनशीलता नहीं समझ रही। शास्त्री ने कहा कि मायावती ने इस मामले में बयान देकर एक दलित बेटी का अपमान किया है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए, चाहे वह राजनीतिज्ञ हो या कोई और, किसी भी बलात्कार पीड़िता के लिए इस तरह की असंवेदनशील और अभद्र टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है।
तृणमूल कॉन्ग्रेस हाथरस मामले में खुद को ‘न्याय के योद्धा’ के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है, मगर सच्चाई तो यह है कि बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड गंभीर सवाल उठाता है।