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‘फर्जी नाम रखकर, मंदिर में फोटो खिंचा कर लड़की से शादी करना विश्वासघात है न कि सच्ची शादी’

"कई मुस्लिम लड़के हिंदू नाम से फेसबुक अकॉउंट बनाते हैं और मंदिर में जाकर अपनी तस्वीर डालते हैं और जब एक बार लड़की ऐसे लड़कों से शादी कर लेती है तो उसे लड़के का असली नाम पता चलता है। इसे असली विवाह नहीं बल्कि विश्वासघात कहा जाता है।"

लव जिहाद के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में कई सरकारें इसे रोकने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं और इसके खिलाफ़ मुखर होकर एक्शन भी ले रही हैं। आज इसी कड़ी में असम के मंत्री (वित्त, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण) व भाजपा विधायक हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपना बयान दिया है।

उन्होंने लव जिहाद की ओर इशारा करते हुए बताया कि जो मुस्लिम लड़के झूठा नाम रख कर हिंदू लड़कियों से निकाह करते हैं, वह कोई सच्ची शादी नहीं होती बल्कि विश्वासघात होता है।

समाचार एजेंसी से बात करते हुए असम मंत्री हिमंत बिस्वा ने कहा, “कई मुस्लिम लड़के हिंदू नाम से फेसबुक अकॉउंट बनाते हैं और मंदिर में जाकर अपनी तस्वीर डालते हैं और जब एक बार लड़की ऐसे लड़कों से शादी कर लेती है तो उसे लड़के का असली नाम पता चलता है। इसे असली विवाह नहीं बल्कि विश्वासघात कहा जाता है।”

बता दें कि इससे पहले असम मंत्री हिमंत ने मदरसों पर भी अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके राज्य में नवंबर में सभी मदरसों को बंद करने के बारे में एक अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 100 संस्कृत स्कूल भी बंद किए जाएँगे।

बिस्वा ने एएनआई को बताया था, “मेरी राय में, कुरान का शिक्षण सरकारी धन पर नहीं हो सकता है। अगर हमें ऐसा करना है तो हमें बाइबल और भगवद गीता दोनों को भी पढ़ाना चाहिए। इसलिए, हम एकरूपता लाना चाहते हैं और इस प्रथा को रोकना चाहते हैं।” 

गौरतलब है कि पिछले दिनों लव जिहाद के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब लड़की को हिंदू नाम बताकर फँसा लिया गया और बाद में उसे नरकीय जीवन जीने पर या तो मजबूर किया गया या फिर मार कर कहीं फेंक दिया गया। पिछले दिनों भी इसी संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्वा ने असम चुनावों के मद्देनजर आह्वान किया था कि यदि उनकी सरकार आई तो इस लव जिहाद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा था, ‘‘हमें असम की जमीन पर लव जिहाद के खिलाफ एक नई और कड़ी लड़ाई शुरू करनी होगी। अगर भाजपा दोबारा सत्ता में आती है तो हम यह निर्णय लेंगे कि अगर कोई भी लड़का धार्मिक पहचान छुपाता है और असम की बेटियों और महिलाओं पर कुछ भी नकारात्मक टिप्पणी करता है तो उसे कड़ी सजा मिले।” 

हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा था, ‘‘लव जिहाद ने असम की बेटियों के लिए पहाड़ जैसी बड़ी समस्या खड़ी की है। कई लड़कियों की तो तलाक की नौबत आ गई क्योंकि उन्हें गलत नाम बताकर लड़कों ने धोखा दिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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