नॉमिनेशन में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर सत्ताधारी वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी के गुंडों ने हमला किया। ताज़ा घंटा चित्तूर जिले के पुलिचेलारा मंडलम क्षेत्र की है।
सबा नकवी खुद को पत्रकार कहती हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि सिंधिया के इस्तीफे से कॉन्ग्रेस से ज्यादा उन्हें दर्द हुआ है। भाजपा के खिलाफ अक्सर जहर उगलने वाली सबा नकवी को उम्मीद है कि कमलनाथ सब ठीक कर देंगे।
माधवराव सिंधिया जब जनसंघ के सदस्य बने थे, तब उनकी उम्र मात्र 25 साल थी। बाद में वे कॉन्ग्रेसी हो गए। आज जैसे कॉन्ग्रेस में उनके बेटे को दरकिनार किया गया है, ऐसा कभी उनके साथ भी हुआ था। तब 1993 में उन्होंने 'मध्य प्रदेश विकास कॉन्ग्रेस' बनाई थी।
"कॉन्ग्रेस और कमलनाथ की सरकार बनी रहेगी। 16 मार्च को पता चल जाएगा कि नंबर किसके साथ है। उनके (ज्योतिरादित्य सिंधिया) के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। राजा-महाराजाओं के दिन लद चुके हैं।"
एक तरफ कमलनाथ सरकार के विधायकों का इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है, जो कि इस्तीफा देने वालों की संख्या 19 से बढ़कर 22 पहुँच गई है। वहीं एक तरफ तो कमलनाथ सरकार का गिरना तय माना जा रहा है तो दूसरी ओर बीजेपी ने अपना गणित फिट करने की जुगत शुरू कर दी है।
विधायकों ने पत्र में लिखा है कि बेंगलुरु और आस पास के इलाकों में सुरक्षा को बढ़ाया जाए। साथ ही नेताओं ने माँग की है कि स्थानीय पुलिस उन्हें सुरक्षा और एस्कॉर्ट उपलब्ध कराए।
13 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन का आखिरी दिन है। कहा जा रहा है कि सिंधिया खुद के लिए राज्यसभा सीट या मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष का पद चाहते थे। लेकिन अब बात बिगड़ गई है।
सिंधिया के लिए 'भारतीय कॉमेडियन' और 'सत्ता का भूखा सिंधिया' जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। विकिपीडिया पेज पर ढूँढने पर पता चलता है कि कुछ और भी जानकारियों से छेड़छाड़ की गई है।
शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि हम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कानून के जानकार यह भी जाँच कर रहे हैं कि पोस्टर हटाने के लिए किस आधार पर यह आदेश जारी किया गया है।