"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से शिकायत करते हुए कहा था कि फॉंसी घर की जमीन सांसद आजम खान के रिश्तेददारों और करीबियों के कब्जे में है। जॉंच में जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर उसे बेचे जाने की बात सामने आई है।
AISA और SFI के गुंडों से बाबुल सुप्रियो को बचाने के लिए आखिर में राज्यपाल को खुद यूनिवर्सिटी पहुॅंचना पड़ा। उपद्रवी छात्रों ने उन्हें भी करीब एक घंटे तक घेरकर रखा। इतना ही नहीं सुप्रियो के साथ पहुॅंची फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल की साड़ी भी खीची गई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के सेंसेक्स ने नया रिकॉर्ड बनाया। सेंसेक्स में एक दिन में 1800 से ज्यादा अंकों की उछाल देखी गई। ऐसा इससे पहले करीब 10 साल पहले देखा गया था। निफ्टी 11 हजार के पार पहुॅंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ है।
योगी ने बताया कि सीएम के साथ मीटिंग की तैयारी का बहाना बनाकर पूरा दिन बर्बाद कर देना अधिकारियों की आदत बन चुकी थी। बैठक के लिए नौकरशाह पूरे लाव-लश्कर के साथ आते थे। इस कल्चर पर लगाम लगाने से अब सामान्य कामकाज की गति प्रभावित नहीं होती।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पूरे देश में एनआरसी लागू करने से किसी को क्या समस्या हो सकती है। दुनिया का कोई भी देश अवैध रूप से अपनी सीमाओं घुसने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करता। भारत में भी अवैध लोगों को रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
"बालाकोट हमले से एक संदेश गया है कि हमारे प्लेन पाकिस्तान की हवाई क्षेत्र में गए और उन्होंने लक्ष्य साधा। ये एक बड़ा संदेश था जो बताता था कि हम चुप नहीं रहेंगे और प्रतिक्रिया देंगे।"
पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में पेशी के दौरान कहा कि चिदंबरम को तिहाड़ जेल में लेटने के लिए बिस्तर तो मिला है, लेकिन तकिया नहीं दिया गया है। बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें जमीन पर बैठना पड़ता है।
जाधवपुर यूनिवर्सिटी अक्सर वामपंथी छात्र संगठनों की करतूतों से चर्चा में रहता है। 2016 में जेएनयू की तरह यहॉं के भी छात्रों ने अफजल के समर्थन में नारे लगाए थे। 2014 में सरेआम एक-दूसरे को चुंबन लेकर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार किया था। अब विरोध के नाम पर न केवल केंद्रीय मंत्री के साथ बदतमीजी की गई है, बल्कि राज्यपाल को भी परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई ।
"जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा हो, सब पक्ष अपनी बात रख रहे हों, सुप्रीम कोर्ट लगातार समय निकालकर बातों को सुन रही हो, तब मैं हैरान हूँ ये बयान बहादुर कहाँ से आ गए। हमारा सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा होना चाहिए। बाबा साहब अम्बेडकर ने जो संविधान दिया है उस पर भरोसा होना चाहिए...."