भाजपा को आम तमिल ही नहीं, राज्य की प्रभावशाली हस्तियों के भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इनमें फिल्म अभिनेताओं रजनीकांत और कमल हासन के नाम भी शामिल हैं।
"मोदी सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू- कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए हैं।"
पंजाब के सुनाम क्षेत्र से विधायक अमन अरोड़ा ने एक पत्र में आवारा पशुओं के मुद्दे को हल करने के चुनावी वादे पर लोगों को धोखा देने के लिए राज्य सरकार को कड़ी फ़टकार लगाई।
धरना प्रदर्शन के बारे में प्रदेश कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने जितेंद्र कोचर ने जेपी अग्रवाल के हवाले से कहा कि बिना उनकी अनुमति लिए इस धरना प्रदर्शन में उनका नाम शामिल कर दिया गया है।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष खुराना की अदालत को दिल्ली पुलिस ने बताया कि कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए किया गया अनुरोध दिल्ली सरकार के गृह विभाग के समक्ष लंबित है। इस मामले में पुलिस अपना काम कर चुकी है और अब वह सरकार के निर्णय का इंतजार कर रही है।
मायावती को यह बात हज़म नहीं हो पा रही है कि राजस्थान में उनके सभी छ: विधायकों ने फिर से कॉन्ग्रेस का हाथ थाम लिया। उन्होंने 2009 में अशोक गहलोत की सरकार के दौरान भी ऐसा ही किया था। कल भी मायावती ने एक रैली में कॉन्ग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया।
तुलसी गबार्ड ने लिखा कि राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार होने के कारण पहले से ही उनके कई चुनावी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसी व्यस्तता के कारण वह 'हाउडी मोदी' में हिस्सा नहीं ले पाएँगी। उन्होंने पीएम मोदी से उनके अमेरिकी दौरे के दौरान मुलाकात की उम्मीद जताई है।
राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।