सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।
अगर भाजपा ने किसी स्वतंत्रता सेनानी या किसी महापुरुष को लेकर ऐसा निर्णय लिया होता तो कई लोग बवाल खड़ा करते हुए कहते कि सरकार पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ कर रही है या उसका भगवाकरण कर रही है।
चिदंबरम ने सीबीआई से पूछताछ के दौरान कहा कि वे सभी अधिकारी अपने काम में दक्ष थे और फाइलों को वही लोग देखा करते थे। उनके इस बयान के बाद अब उनके कार्यकाल में वित्त मंत्रालय में तैनात रहे कुछ अधिकारियों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
खास बात ये है कि ये सम्मान प्रधानमंत्री को उस समय मिला है जब भारत लगातार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दरकिनार कर रहा है। ये सम्मान दर्शाता है कि मोदी कार्यकाल में मुस्लिम देशों के साथ भारत के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हो रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष ले रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले अरुण जेटली उन गिने-चुने नेताओं में से थे, जिन्होंने मोदी और वाजपेयी- दोनों दिग्गज प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री की भूमिका निभाई।
सीबीआई इस मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त समेत 13 ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं से पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि इस मामले में 15-20,000 पन्नों की चार्जशीट नौ सितंबर तक दाखिल हो सकती है।
पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गॉंधी और अन्य विपक्षी नेताओं के जम्मू-कश्मीर दौरे पर इकबाल अंसारी का दो टूक। कहा, “कॉन्ग्रेस अगर कश्मीर जाना चाहती है, तो जाए, लेकिन कश्मीर पर राजनीति न करे, क्योंकि कॉन्ग्रेसियों की राजनीति अब हिन्दुस्तान से खत्म होने वाली है और खत्म हो जाएगी।”
एक पाकिस्तानी ने ट्वीट किया, "पहले सुषमा स्वराज और अब अरुण जेटली। इंशाअल्लाह अगले नरेंद्र मोदी और अमित शाह होंगे, क्योंकि इनकी मौत के लिए कश्मीरी दुआ कर रहे हैं। कश्मीर में अत्याचार के लिए ये लोग गुनहगार हैं। ये सब नरक में सड़ेंगे।"