Homeराजनीतिपंचकुला जमीन मामला: ED ने मोतीलाल वोरा और भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ दायर की...

पंचकुला जमीन मामला: ED ने मोतीलाल वोरा और भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ दायर की चार्जशीट

वाईआईएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सोनिया और राहुल भी शामिल हैं। स्वामी के शिकायत में कहा गया है कि वाईआईएल में सोनिया-राहुल की 76% हिस्सेदारी है और एजेएल को कॉन्ग्रेस पार्टी के फंड्स में से लोन दिए गए, जो ग़ैर-क़ानूनी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंचकुला ज़मीन घोटाला मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर कर दी है। यह चार्जशीट पंचकुला कोर्ट में दायर की गई। इन दोनों वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेताओं के अलावा एसोसिएट जनरल लिमिटेड (एजेेएल) के ख़िलाफ़ भी चार्जशीट दायर की गई। हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते एजेेएल को ग़लत तरीके से फायदा पहुँचाया था।

इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से सम्बंधित मामला चल रहा है। एजेएल ही वह कम्पनी है जो नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करती है और इसमें गाँधी परिवार की अच्छी-ख़ासी हिस्सेदारी है। इससे पहले ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने इस मामले में पंचकूला में स्थित प्रॉपर्टी जब्त कर ली थी। इसके पहले ED ने पिछले साल गुरुग्राम और पंचकूला में ₹64 करोड़ मूल्य की कई संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया था।

इसी से जुड़े मामले में कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के लोग व उनके कई वफ़ादार आरोपित हैं। सोनिया-राहुल के ख़िलाफ़ चल रहे मामले में आरोप है कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (YIL) ने एसोसिएट जर्नल प्राइवेट लिमिटेड (AJL) का अधिग्रहण किया, जिसमें कई अनियमितताएँ बरती गईं।

वाईआईएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सोनिया और राहुल भी शामिल हैं। स्वामी के शिकायत में कहा गया है कि वाईआईएल में सोनिया-राहुल की 76% हिस्सेदारी है और एजेएल को कॉन्ग्रेस पार्टी के फंड्स में से लोन दिए गए, जो ग़ैर-क़ानूनी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -