नामग्याल ने कहा कि विपक्ष के लोग सिर्फ़ एक रोड और छोटे से मार्केट को कारगिल समझ बैठे हैं। अगर असली करगिल देखना है तो ज़न्स्कार, वाखा, मुलबेक, शर्गोल, आर्यन घाटी आदि जगहों पर जाना चाहिए। उन्होंने कहा की 70% भू-भाग के लोग निर्णय का स्वागत करते हैं।
जब 1977 में जॉर्ज फर्नांडीस ने जेल से लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा तो सुषमा ही दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुॅंचीं और हथकड़ियों में जकड़ी जॉर्ज की तस्वीर दिखा प्रचार किया। उन दिनों 'जेल का फाटक टूटेगा, जॉर्ज हमारा छूटेगा' का उनका दिया नारा सबकी ज़ुबान पर था।
सुषमा स्वराज ने ट्विटर डिप्लोमेसी का दरवाजा खोला। ट्विटर पर सक्रिय रहते हुए लोगों की मदद करना इतना चर्चित हुआ कि वाशिंगटन पोस्ट ने उन्हें 'सुपरमॉम ऑफ द स्टेट' कहा। उनके देहांत के साथ ही भारतीय राजनीति का एक शालीन अध्याय समाप्त हो गया है।
आर्टिकल 370 हटाने के मोदी सरकार के इस कदम का कई कॉन्ग्रेस के नेताओं ने भी पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया है। मिलिंद देवड़ा और जनार्दन द्विवेदी के बाद अब इस कड़ी में राहुल गाँधी के करीबी और कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी जुड़ गया है।
लोकसभा में अमित शाह की ओर से लाया गया संकल्प स्वीकार किया गया है। इसके पक्ष में 370 और विपक्ष में 70 वोट पड़े हैं। एक सांसद ने अपना मत नहीं डाला, जबकि कुल 441 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा लिया है। इसके साथ ही लोकसभा से भी जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 पास हो गया है।
भाजपा की ओर से लोक सभा में मोर्चा संभालने वालों में से एक थे लद्दाख के सांसद जाम्यांग त्सेरिंग नामग्याल, जिन्होंने राज्य के विभाजन के समर्थन में लद्दाख का पक्ष रखा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी ने 370 के अस्थायी होने के भाजपा के तर्क पर भी सवाल उठाए। उन्होंने BJP को गोपालस्वामी अयंगर के भाषण पढ़ने तक की सलाह दे डाली। एक दिन पहले वह कश्मीर को 'मुस्लिम राज्य' बता चुके थे।
पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि उनकी सरकार ने जेडीएस की तुलना में कॉन्ग्रेस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिक धन आवंटित किया था, लेकिन फिर भी सरकार गिरने का दोष उन्हें ही दिया जा रहा है
लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी के विवादस्पद बयानों की झड़ी लगी हुई है। कश्मीर को UN का मसला बताने के बाद अब वह केंद्र सरकार पर POK (पाक-अधिकृत, गुलाम कश्मीर) से पल्ला झाड़ लेने का आरोप लगाते पाए जा रहे हैं।
“जम्मू-कश्मीर को 2 हिस्सों में बाँटकर, जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को जेल में डालकर और संविधान का उल्लंघन करके देश को एकजुट नहीं रखा जा सकता। देश उसकी जनता से बनता है न कि जमीन के टुकड़ों से। सरकार द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंंभीर खतरा साबित हो सकता है।”