नाहिद जिन लोगों के हक और रोजगार की बात के लिए लड़ाई लड़ने और हक के लिए आवाज उठाने की बात कह रहे हैं, वो लोग कैराना के सराय इलाके में अवैध रुप से रह रहे थे। प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी जमीन है, जिस पर केवल सरकार का अधिकार है ।
"मैंने जो कुछ भी कहा, वह यहाँ लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से आई हताशा और गुस्से में कहा। गवर्नर के रूप में मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मेरी निजी सोच वही है, जो मैंने कहा। बहुत-से राजनेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।"
"मुझे कुछ व्यक्तिगत काम है, जिसके कारण मैं विधानसभा के सत्र में नहीं जा पाउँगा। मेरे आलाकमान ने मुझे विश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने से रोक दिया है, इसलिए मैं सोमवार और मंगलवार को सत्र में भाग नहीं लूँगा। इस दौरान मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहूँगा।"
मध्य प्रदेश ने विस्थापितों का मुद्दा पहली बार गत 27 मई को ही उठाया था। उस समय मध्य प्रदेश सरकार का कहना था कि 6000 से ज्यादा लोगों का पुनर्वास अभी लंबित है।
योगी आदित्यनाथ ने सीधे-सीधे इस घटना के लिए कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी। सोनभद्र के विवाद के लिए 1955 और 1989 की कॉन्ग्रेस सरकार दोषी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनभद्र में जो घटना घटी है, उसकी नींव 1955 में रखी गई थी।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अजय कुमार जुलाई 2011 में जेवीएम के टिकट पर मध्यावधि चुनाव में 15 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए थे। अगस्त 2014 में वे कॉन्ग्रेस में शामिल हुए और नवंबर 2017 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उन्हें विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके बाद से बागी विधायक विश्वासमत पर चर्चा से दूर ही रहे हैं। उन्हें मनाने के गठबंधन सरकार के प्रयास अब तक सफल नहीं हो पाए हैं।
हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।