कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी के आज कैसे दिन आ गए हैं। जिसने सभी मर्यादा को ताक पर रख दिल्ली की जनता को ठगने का पूरा मॉड्यूल तैयार किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो चुकी हैं।
सिद्धू ने कहा, “मोदी केवल झूठ बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री और उनका पूरा कुनबा झूठा है।” सिद्धू इतने पर ही नहीं रुके और अपने तुकबंदी के अंदाज़ में बोले, “ना राम मिला, ना रोज़गार मिला, हर गली में मोबाइल चलाता एक बेरोज़गार मिला।”
राहुल के अनुसार भाषणों में मोदी सरकार के कामकाज की आलोचना करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। शहडोल में भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को लेकर दिया गया था। इसलिए शिकायत को रद्द किया जाना चाहिए।
संजय निरुपम ने कहा कि ऐसा लग रहा है सत्यपाल मलिक, पीएम मोदी की चापालूसी कर रहे हैं, चमचागिरी कर रहे हैं, ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। राज्यपालों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के सदस्य ने बताया कि ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन पर लंबी चर्चा की है जिसमें बुधवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात के विषय पर भी बातचीत हुई।
भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण का कहना है कि पीएम मोदी के खिलाफ जितना नकारात्मक प्रचार नायडू ने किया है, उतना किसी ने नहीं किया है और वो चुनाव हार जाने के डर की वजह से इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
दर्शन के उपरांत पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके ससुर राजीव गाँधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा। इस पर वाड्रा जवाब देते हुए कहा कि मंदिर में राजनीतिक बातें नहीं की जानी चाहिए
आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल वोटरों की खरीद-फरोख्त के लिए किया जाने वाला था। इस सिलसिले में आईपीसी की धारा 171 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।