"जिस तरह से मेरे पापा इस परिवार के साथ जुड़े थे, उन्होंने अटल जी के साथ काम किया, आज मैं मोदी जी के साथ जुड़ रहा हूँ। आज मोदी जी ने जिस तरह से पाँच सालों में काम किया है, इसलिए मैं चाहता हूँ कि अगले पाँच साल तक मोदी जी ही पीएम रहें। क्योंकि हम विकास चाहते हैं।"
इटाहर विधानसभा क्षेत्र के चाकला में मतदान से कुछ घंटों पहले बम से हमले की घटना सामने आई है। इस हमले में 2 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। सुबह 7 बजे क्षेत्र में मतदान शुरू होने से पूर्व इस घटना के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदीप महारथी को गुंडा और बलात्कारियों का रक्षक बताते हुए कहा कि उन्होंने अब सारी हदें पार कर दी हैं। प्रधान ने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर गुंडा निरोध क़ानून लाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा।
गंभीर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। ईस्ट दिल्ली में गौतम गंभीर का मुक़ाबला कॉन्ग्रेस प्रत्याशी और दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे अरविंदर सिंह लवली से होगा। वहीं नई दिल्ली लोकसभा सीट पर मीनाक्षी लेखी बनाम अजय माकन का मुक़ाबला होगा।
तीसरे चरण में किस सीट पर चाचा ने रचा है भतीजे के लिए चक्रव्यूह? पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे अमित शाह कैसे कर रहे हैं चुनाव प्रचार? थरूर को पहली बार कौन दे रहा है बड़ी चुनौती? किस सीट पर पिछले 40 वर्षों से है यादवों का कब्ज़ा? मैनपुरी से क्या होगा अंतिम बार चुनाव लड़ रहे मुलायम का?
लायोनेल बार्बर अपने समाचारपत्र फाइनेंशियल टाइम्स की ओर से भारत के आम चुनावों को कवर कर रहे हैं। इसी दौरान अपने एक दौरे पर, लिखते हुए उन्होंने जयाप्रदा पर आजम की टिप्पणी का उल्लेख किया और लिखा, "कोई बुरा कथन नहीं है, हालाँकि इसके लिए खान पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया गया।”
एक तरफ तो कोर्ट में वो अपनी ग़लती के लिए हाथ जोड़कर माफ़ी माँगने का स्वांग रचते दिखते हैं, तो दूसरे ही पल कोर्ट से बाहर आते ही फिर से अपना वही हमलावर रुख़ अख़्तियार करते हैं। अपने माफ़ीनामे के बाद भी आदतन पीएम मोदी को आड़े हाथों लेना उनकी कुंठित मानसिकता और हताशा को दर्शाता है।
युवक ने मंच पर आकर दिग्विजय की बोलती बंद कर दी। युवक ने मंच पर पहुँच कर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए कहा, "मोदीजी ने आतंकवादियों को मारा।" नीचे दिए गए वीडियो में आप देख सकते हैं कैसे युवक ने दिग्विजय को मुँहतोड़ जवाब दिया।
मैं आपकी राजनीतिक विवशता को देख रही हूँ। विडंबना यह कि आप वर्षों से राजनीतिक परिदृश्य में एक मुकाम पाने को कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जिसमें सफलता कमोबेश आपके लिए हाथ न आने वाला ही रहा है। ऊपर से नेहरू-गाँधी परिवार में पैदा होने के लाभ को भुनाने में भी सक्षम नहीं रहे आप। अफसोस!
ये दो राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों की लड़ाई होगी। दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों ही पूर्वांचल से आते हैं। इस सीट पर पूर्वांचलवासियों की अच्छी-ख़ासी तादाद को देखते हुए कॉन्ग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उपयुक्त चेहरे पर दाँव खेला है। शीला बनाम तिवारी एक दिलचस्प मुक़ाबला होगा।