डॉ. हर्षवर्धन ने राहुल गाँधी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को अपनी लीडरशिप में बड़े बदलाव के बारे में विचार करना चाहिए।
राज्यपाल के अभिभाषण से दोपहर 2 बजे इसकी शुरुआत होगी, लेकिन गवर्नर ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो ममता सरकार की लिखी सभी चीजों को सदन में नहीं बोलेंगे।
उपराज्यपाल ने 20 जून को ऐलान किया था कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह से ई-ऑफिस व्यवस्था अपना चुका है और इस तरह साल में दो बार 'दरबार स्थानांतरण’करने की प्रथा समाप्त हो गई है।
गहलोत सरकार में उद्योग मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री परसादी लाल मीणा ने कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की सुनवाई करते हुए देश के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को घूसखोर कहा है।