"जब BNP सत्ता में थी तब तब उन्होंने देखा था कि उसके नेताओं की बीवियाँ समूह में विमान से भारत जाती थीं और भारतीय साड़ियाँ खरीदती थीं। इसके बाद वो बांग्लादेश में इन साड़ियों को बेचती थीं।"
अब्दुल इजेदी के 'करीबियों' ने उसे क्रिश्चियन कब्रिस्तान नहीं, बल्कि मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया। यही नहीं, उसे दफनाने के लिए तथाकथित मुस्लिम धर्म के लोगों ने ऑनलाइंन फंडिंग अभियान भी चलाया।
"अब ये एक जगह के नाम पर कलंक रह गया है। हम किसी भी कीमत की घड़ी नहीं पहन सकते। आप हाथ में फोन लेकर नहीं टहल सकते। महिलाओं से उनके बैग और गहने छीन लिए जाते हैं।"