नेपाल के सूचना और प्रसारण मंत्री युबा राज खातीवाड़ा ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि नेपाल के नेताओं के चरित्र हनन में लिप्त कुछ चैनलों के कारण यह फैसला लिया गया है।
भारतीय मूल के कई अमेरिकी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और और चिकित्सकों ने इस मुद्दे पर तरणजीत से वर्चुअल संवाद करके निष्कर्ष निकाला। तमाम संस्थाओं द्वारा साझा अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सहारे आयुर्वेद का प्रचार भी किया जाएगा।