स्पेन में कोरोना वायरस की वजह से हालात काफ़ी बिगड़े हुए हैं। अभी तक वहाँ लगभग 6000 लोगों की मौत हो चुकी है। हालाँकि, 12,000 से अधिक मरीज ठीक भी हुए हैं, लेकिन 73,235 कोरोना मामलों के साथ स्पेन इस वायरस के संक्रमण से दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बन गया है।
कुछ पाकिस्तानियों ने चीन को क्लीनचिट देते हुए दावा किया कि उससे ज्यादा तो कोरोना को फैलाने के लिए शिया जिम्मेदार हैं। सैयद अज़ीम ने लिखा कि इसे 'चाइनीज वायरस' की जगह 'शिया वायरस' कहना चाहिए।
यह राशि फरवरी में अमेरिका की ओर से घोषित 10 करोड़ डॉलर की मदद के अलावा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक लेबोरेटरी सिस्टम, ऐक्टिव केस ढूँढने, निगरानी और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद संबंधी तैयारियों आदि को दुरुस्त करने के काम में इस पैसे का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना का संक्रमण पूरी दुनिया में पसर चुका है। ऐसे वक्त में भी 'मेड इन चाइना' की क्वालिटी घटिया ही बनी हुई है। चेक रिपब्लिक के बाद अब स्पेन भी उससे जॉंच किट लेकर ठगा महसूस कर रहा है। इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
अमेरिका के स्टेट्स डिपार्टमेंट और मीडिया के अनुसार 1990 में वहाँ 1 लाख हिन्दू और सिख आबादी थी, जोकि अब 3000 के आसपास है। यह समझना कोई कठिन काम नहीं है कि उन 97,000 हिन्दुओं और सिखों के साथ क्या हश्र हुआ होगा।
कोरोना संक्रमण से निपटने में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति जनता कर्फ्यू के दिन पूरे देश की जनता ने आभार जताया था। यह कुछ लिबरलों और तथाकथित बुद्धिजीवियों को रास नहीं आया। लेकिन, अब उसी रास्ते पर बढ़ते हुए ब्रिटेन ने कोरोना वारियर्स के प्रति आभार व्यक्त किया है।
एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए सलाह दी कि मोजों के एक दर्जन पैकेट्स ख़रीद लो और उनका टॉयलेट पेपर के रूप में प्रयोग कर के फिर 'ड्राई वाश' कर के सूखने के लिए डाल दो, फिर टॉयलेट पेपर की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
कोरोना संक्रमण के बीच अफवाहें भी जानलेवा साबित हो रहीं। ऐसी ही एक अफवाह है- इंडस्ट्रियल अल्कोहल पीने से वायरस का मर जाना। बॉडी सैनिटाइज हो जाना। इस अफवाह के कारण ईरान में संकट दोहरा हो गया है। जहर लगातार फैलता जा रहा है।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले में कश्मीर कनेक्शन निकला है। साथ ही इस आतंकी के केरल से जुड़े होने की बात भी सामने आई हैं।