कल गुरूद्वारे पर हमले के बाद पूरा अफगानिस्तान अपने सिख-हिन्दू भाइयों के लिए उमड़ पड़ा और अपनी सहानुभूति व्यक्त कर उसके साथ खड़े होने की दृढ़ता दिखाई। इस हमले पर अभी तक तालिबान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी लेकर एक बार फिर अपना घिनौना चेहरा दुनिया के सामने रख दिया। इधर भारत में लिबरल-वामपंथी गिरोह इसको लेकर चुप्पी साधे हुए है। जैसे उसने सुकमा में नक्सली हमले के वक्त साधा था।
"भारत में कुछ लोग इनके प्रवेश का विरोध करते हैं। इन्हें नागरिकता देने की बात पर राजनीति साधते हैं। वे चाहते हैं कि आतंकियों को भी नागरिकता दी जाए ताकि वे यहाँ उनका पालन कर सकें और हत्याएँ जारी रख सकें।"
कोरोना वायरस से संक्रमितों में ऐसा ही एक नया नाम सामने आया है। यह नाम है विषाणुओं की खोज में महारत हासिल करने वाले दुनिया के शीर्ष विशेषज्ञों में शामिल डॉ. डब्ल्यू इयान लिपकिन का! विषाणु विज्ञानी डॉ. लिपकिन भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।
इसे चीनी वायरस कहना कोई रेसिज्म नहीं है। इसका अर्थ हुआ कि जिस जगह से ये वायरस पहली बार निकल कर आया, उस स्थान पर इसका नामकरण हो। ऊपर से जब चीन ने इसे ढकने की गलती करके दुनिया भर को परेशानी में डाला है तो फिर इसमें उन्हें क्यों दोष दिया जा रहा, जो इस वायरस के ऑरिजिनेट होने के स्थान के नाम पर इसे सम्बोधित कर रहे हैं?
अदालत ने कहा कि सरकार पूरे मामले को लेकर गंभीर नहीं है। ईरान से समय पर तीर्थयात्रियों को वापस लाने के प्रयास नहीं किए गए। जब वे लौटे तो उन्हें घर जाने दिया गया, जबकि उन्हें 14 दिन तक अलग-थलग रखने की जरूरत थी। अब यही लोग संक्रमण के बड़े स्रोत बन गए हैं।
हमला सुबह-सुबह हुआ। उस समय अरदास के लिए गुरुद्वारे में छोटे बच्चों समेत करीब 150 लोग मौजूद थे। मोहन सिंह ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुन उन्होंने खुद को टेबल के नीचे छिपा लिया। अचानक धमाका हुआ और छत का एक टुकड़ा उन पर आ गिरा।
आत्मघाती धमाके के बाद बंदूकधारी गुरुद्वारे में दाखिल हो गए। सुरक्षा बलों ने गुरुद्वारे के पहले तल को खाली करा लिया है। मुठभेड़ जारी है। अंदर फॅंसे कई लोग सकुशल बाहर निकाल लिए गए हैं।
अपने जिहादी लड़ाकों को वर्क फ्रॉम होम का फरमान सुनाने वाले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने कोरोना महामारी को मूर्ति पूजा करने वाले देशों के लिए अल्लाह का जवाब बताया है। आईएसआईएस ने खुदा से अपील की है कि वह नास्तिकों पर कोरोना वायरस का कहर और ज्यादा बढ़ाए।
चीन में हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। चीन के युन्नान प्रांत में एक व्यक्ति की हंता वायरस से मौत हो गई। कोरोना वायरस से अब तक 16 हजार 500 लोगों की मौत हो गई है।
“चीन की तरह भारत बहुत बड़ी जनसंख्या वाला देश है। कोरोना वायरस के दूरगामी परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि बड़ी जनसंख्या वाले देश इसे लेकर क्या कदम उठाते हैं। यह बहुत जरूरी है कि भारत जन स्वास्थ्य के स्तर पर आक्रामक फैसले लेना जारी रखे।”