"चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छिपाई, जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है। अगर चीन ने इस आसन्न खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी होती तो अमेरिका और पूरा विश्व इसके लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार होता।"
दक्षिण चीन में हुए रैपिड विकास के कारण वहाँ एनिमल प्रोटीन की माँग बहुत बढ़ चुकी है। इसमें रात्रिचर स्तनपाई civet (छोटे-पतले आकार के स्तनपाई) जैसे विदेशज जानवर भी शामिल हैं। इन्हें पिंजड़ों में ठूँस-ठूँस कर भर दिया जाता है। लोग बड़े चाव से...
चीन ने न सिर्फ इस वायरस से निपटने में लापरवाही दिखाई बल्कि जिन लोगों ने भी कोरोना वायरस के बारे में चीनी प्रशासन को सचेत करने की कोशिश की उनकी आवाजों को दबा दिया गया।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?
"हमारा रुख स्पष्ट है कि हम सभी राष्ट्रों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं।" - संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि वैश्विक संगठन सभी देशों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने की अपील करता है।
अमेरिका में कोरोना की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या 230, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 13000 के पार हो गई है। वहीं शुक्रवार को इटली में एक दिन के अंदर कोरोना की वजह से 627 लोगों की जान चली गई, जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण के 5986 नए मामले भी सामने आ गए।
विश्वभर में कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या दस हजार को पार करते हुए 10,405 पहुँच चुकी है, जिनमें से 3400 अकेले इटली के हैं। यूरोप महाद्वीप में अब तक 4,932 और एशिया महाद्वीप में 3,431 मौतें हो चुकी हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि इस समय वे बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं कई देशों में आने-जाने पर प्रतिबंध है, जबकि कई देशों में खाने-पीने की वस्तुओं का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है।
"कोरोना वायरस का इलाज अल्लाह ताला ने दिमाग में डाल दिया है। ये इलाज एकदम परफेक्ट है। बस कबूतर के विष्ठा को पानी में मिलाकर तीन बार पीना है। चूँकि कबूतर अल्लाह-अल्लाह करता है इसलिए ये इलाज सही है।"
ट्रंप ने कहा कि मलेरिया और अर्थराइटिस में इस्तेमाल होने वाली दवा कोरोना वायरस के इलाज में बेहतर साबित हुई है। ड्रोक्लोरोक्वीन नामक यह दवा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 'फौरन उपलब्ध' कराई जाएगी।