इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से त्रस्त होकर भारत में शरण माँगी है। वह इस वक्त अपने परिवार के साथ पंजाब में हैं और आगे भी वो भारत में ही रहना चाहते हैं।
पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों ने पाकिस्तान की सेना व पुलिस के द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने 'पाकिस्तान से आज़ादी' की माँग की।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान में क्रिकेट मैच खेलने के लिए हामी भर ली है, लेकिन 11 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान जाने से साफ इनकार कर दिया है। लगभग एक दर्जन खिलाड़ियों ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से इसलिए इनकार किया है।
तेहरान ने इस्लामाबाद को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी तीसरे देश के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है। पाकिस्तान ने एक मौखिक नोट के जरिए जब इस मुद्दे को उठाया तो तेहरान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
परमाणु बम की तकनीक 'नकलचोरी' करने वाले कादिर खान को सर पर बिठाने वाले पाकिस्तान में असली वैज्ञानिकों की नाकद्री का अब्दुस सलाम से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। लेकिन उन्हें कभी भाव नहीं दिया गया, क्योंकि वे अहमदी थे, जिन्हें कट्टरपंथी 'सच्चा' नहीं मानते।
क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीन को NASA ने नहीं, बल्कि पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी ने भेजा था। क्या आपको यह पता है कि पानी को हाइड्रोजन-ऑक्सीजन में तोड़ने से उत्पन्न उर्जा के माध्यम से चलने वाली कार का आविष्कर तक पाकिस्तान में हुआ है!
लोगों को पाकिस्तान में पैसा लगाने के लिए हर तरीके से मनाने में नाकाम पाकिस्तान अब उन्हें belly dance से लुभाने की कोशिश कर रहा है! पाकिस्तान पिछले कुछ समय से कटोरा लेकर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के चौराहे पर है, लेकिन...
ISIS इराक़ में गायों पर बम-विस्फोटक लादकर हमला और युद्ध के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इराक़ के दियाला नामक जगह पर विस्फोटक से लदी दो गायें मिलिट्री चेक पॉइंट की तरफ बढ़ रही थीं, और चेकिंग के दौरान इस विस्फोटक से धमाका हो गया।
हक्कानी ने कहा कि भारत या भारतीयों की खिल्ली उड़ाने, उन्हें गालियाँ देने, उनका अपमान करने या फिर उन्हें बदनाम करने की जगह पर पाकिस्तानियों को अपने देश के बारे में सोचना चाहिए। वे अभी वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं।
"वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएँ और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे जबकि कश्मीर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई।"