रुबिका ने लिखा- "इस ट्वीट में कोरोना का कोई ज़िक्र नहीं सदमेश्वर! मेरे ट्वीट का ‘प्रतीक’ बनने के लिए शुक्रिया! गहरा सदमा लगा है ‘Fearleaders’ को।" रुबिका के इस जवाब के बाद प्रतीक को कुछ नहीं सूझा और वो भाग खड़े हुए।
NDTV के एंकर ने ट्वीट कर बताया है कि जुकाम होने के बाद वे पिछले 3 दिनों से सेल्फ आइसोलेशन में हैं। वे अपने परिवार के सदस्यों से 15 फीट की दूरी बनाकर रख रही हैं। हालॉंकि उनके टेस्ट की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
वैश्विक महामारी से निपटने के लिए लड़ रहे लोगों के प्रति आभार जताने के लिए पीएम मोदी ने जनता से एक अपील की। लेकिन, स्वयंभू महिला पत्रकारों को यह फिजूल की कवायद लग रही। इतना ही नहीं वे इस देश की जनता को भी बेवकूफ बता रही हैं।
लिबरल-सेकुलरों ने तुरंत कहना शुरू किया कि इटली में लॉकडाउन था, गुरुग्राम में नहीं हैं। इसलिए लाउड स्पीकर लगाकर हिंदू मंत्रो का उच्चारण केवल एक स्टंट हैं। जबकि कुछ ने ये शिकायत की कि ये लोग सिर्फ़ हिंदू मंत्रों को लाउड स्पीकर पर बोलकर लोगों को तंग कर रहे हैं।
कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए मोदी सरकार की तैयारियों की पूरी दुनिया में सराहना हो रही। लेकिन, न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों को इसमें रहस्य दिख रहा है। अब वे कह रहे कि इतने कम मामले तो वे हैं जो डिटेक्ट हुए हैं, कई मामले होंगे जो टेस्टिंग सेंटर तक पहुॅंचे ही नहीं होंगे।
प्रेस काउंसिल ने लिखा कि देश के प्रथम नागरिक (राष्ट्रपति कोविंद) पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ, उपहास और उन्हें नीचा दिखाने की बात गैरजरूरी होने के साथ-साथ पत्रकारिता के उचित प्रतिमानों के विपरीत जाती हैं।
खबर के अंत में लिखे गए एक पैराग्राफ को पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से 'जय श्री राम' के प्रयोग से हिंदुओं को न सिर्फ दंगाई बताया गया बल्कि अपनी चापलूसी की सारी हदों को पार कर खबर में अश्लीलता भी परोसी गई कि हिंदुओं ने ही मुस्लिम महिलाओं के सामने अपने पैंट उतारे और उनको अपना लिंग दिखाया।
NDTV की भ्रामक हेडलाइन देखकर, लोग बाबा रामदेव को अनाप-शनाप बोलने लगे। एक यूजर ने तो ये तक लिखा कि जहाँ कोरोना पीड़ित हैं, वहाँ पर बाबा को योग के लिए भेजना चाहिए। अब आखिर एनडीटीवी को यही सब तो चाहिए था! हेडलाइन के साथ खेल कर उसने प्रोपेगेंडा के अपने स्तर को बनाए रखा।
दी प्रिंट के साथ ही कुछ अन्य मीडिया गिरोहों ने भी कोरोना वायरस पर चक्रपाणि महाराज को हिन्दू महासभा का अध्यक्ष बताते हुए खबर प्रकाशित की है कि वो कोरोना से लड़ने के लिए गोमूत्र पार्टी करने जा रहे हैं, जिससे कि कोरोना वायरस से उपचार मिल सकेगा।
दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की सच्चाई को सामने लाने का जो प्रयास ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए किया, उसे एक ओर जहाँ बड़े वर्ग का स्नेह और सहानुभूति मिली, वहीं दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी था जिसे दंगों के इस पहलू के सामने आने से परेशानी भी हुई।