मीडिया

भारत का ग़लत नक्शा दिखाया, दिल्ली दंगों को भड़काया: हिन्दू-विरोधी Al Jazeera के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज

'अल जज़ीरा' के 'AJ+' ने लगातार कई ऐसे लेख, वीडियो और ख़बरें प्रकाशित किए हैं, जिससे दिल्ली हिंसा में उसका भी हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके माध्यम से भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप में भी हिन्दू-घृणा फैलाई जा रही है। उसके कंटेंट्स हिन्दू-घृणा से सने होते हैं।

‘फैक्ट चेक’ करने वाले ने जब फैलाया फेक न्यूज, प्रोपेगेंडा परोसने के लिए Alt News को पड़ रही गाली

2 मिनट 18 सेकेंड के इस वीडियो में क्या-क्या झूठ फैलाया गया था - 1) ईवीएम के गायब होने का दावा किया गया। 2) दिल्ली के कबीरनगर की गली नंबर 4 पर SVN पब्लिक स्कूल के इम्प्लॉयज भाजपा के साथ मिलकर ईवीएम चोरी करते पकड़ा गया।

हिन्दू विरोधी दंगों को मुस्लिम नरसंहार साबित करने की कोशिश! बरखा दत्त का प्रोपेगेंडा हुआ फुस्स

बरखा दत्त ने अपनी सालों से सींची गई प्रोपेगेंडा पत्रकार की भूमिका का बखूबी निर्वाह करते हुए इस हिन्दू विरोधी दंगों की रिपोर्टिंग में भी जानबूझकर हिन्दू विक्टिम्स को दरकिनार किया और सारा फोकस मुस्लिम पीड़ितों पर ही बनाए रखा, जिससे इन दंगों को मुस्लिम नरसंहार साबित किया जा सके, जबकि जमीनी वास्तविकता ठीक इससे उलट है।

बन्दूकबाज शाहरुख को अनुराग बताने वाले रवीश ने NDTV की फोटो को बताया फोटोशॉप्ड

पोस्ट में पहले रवीश कुमार लादेन कि फोटो को फोटोशोप बता रहे थे। अंत में रवीश कुमार ने पाठकों के लिए नोट में लिखा कि यह पोस्ट अब अपडेट कर ली गई है। इस बीच जो 5 बार एडिटिंग की गई - असली खबर यहीं छुपी है और मजेदार भी - सब स्क्रीनशॉट में कैद कर लिया गया है।

‘1 लाख 10 हजार रुपए लेकर दिल्ली दंगों को सांप्रदायिक रंग दो’ – सीनियर जर्नलिस्ट ने किया खुलासा

द पायनियर के वरिष्ठ पत्रकार जे गोपीकृष्णन ने खुलासा किया कि किस तरह एक अमेरिकी अखबार ने उन्हें दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में हुई मौतों को सांप्रदायिक आधार पर रिपोर्ट करता एक 1000 शब्द का आर्टिकल लिखने के लिए 1500 अमेरिकी डॉलर की पेशकश की।

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगे: ड्रोन फुटेज में मस्जिद पर ईंट-पत्थरों का ढेर, NDTV ने तस्वीर ही एडिट कर दी

विडियो में मस्जिद की तस्वीरें और उसपर इकट्ठा ईंट-पत्थर एकदम क्लियर हैं। लेकिन एनडीटीवी की एकतरफा पत्रकारिता की हद देखिए... लोगों को बरगलाने के लिए उसने मस्जिद को क्रॉप कर दिया ताकि इस्लामी आतताइयों की हकीकत छिपी रहे।

ताहिर के चाँदबाग में एजेंडा लेकर रिपोर्टिंग करने पहुँचे राजदीप सरदेसाई, युवक ने की बोलती बंद

"ये मैटर नहीं करता दुकान किसकी है... मैटर ये करता है कि नुकसान किसका हुआ हुआ आप पूछना चाहते हैं कि ये दुकान हिंदू की है या मुस्लिम की। मैं क्यों बताऊँ किसकी है। मैं तो कहूँगा कि नुकसान हमारा भी हुआ।"

रवीश कुमार का प्राइम टाइम प्रोपेगेंडा: गोली चलाने वाला मोहम्मद शाहरुख नहीं, अनुराग मिश्रा है

26 फरवरी को रवीश कुमार ने जिस तरह से तथ्यों को प्राइम टाइम में पेश किया वह इस बात का सबूत है कि मेनस्ट्रीम मीडिया दंगाई के मुस्लिम होने पर न केवल उसका नाम छिपाता है, बल्कि उसे क्लीनचिट भी देता है।

‘कहते रवीश के चैनल से हूँ, तो ये हाल न होता’: NDTV के पत्रकार पर मुस्लिम भीड़ ने किया पथराव

"यहाँ पर पत्थर आने शुरू हो गए हैं तो हम यहाँ पर विडियो नहीं बनाएँगे। हम कैमरा घुमाएँगे और दूसरी तरफ चलेंगे। हमें भीड़ को उत्तेजित नहीं करना।"

‘रोड जाम करना ही पड़ेगा’: दिल्ली हिंसा पर वामपंथी प्रोपेगंडा पोर्टलों ने यूँ फैलाया ज़हर, दंगाइयों का किया बचाव

दिल्ली जब जल रही थी, तब मीडिया का एक वर्ग क्या कर रहा था? कोई दिल्ली पुलिस को गाली दे रहा था तो कोई कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहरा रहा था। जान भी गँवाए दिल्ली पुलिस और गाली भी वही सुने? जिस उपद्रव में गाँधी को फासिस्ट बताया गया, उसे गांधीवादी कैसे साबित किया जा सकता है?

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें