'न्यूज़क्लिक' से जुड़े पत्रकारों पर छापे से वामपंथी लिबरल पत्रकारों का गैंग तिलमिला उठा है। उन्होंने इसे प्रेस की आज़ादी पर हमला बता डाला है। चीनी फंडिंग पर चुप।
केंद्र सरकार ने टीवी चैनलों को सलाह दी है कि वे ऐसे लोगों को मंच न दें जिन पर गंभीर अपराध, आतंकवाद के आरोप हैं या फिर वे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं।