हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।
मोहसीन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की जासूसी करता था। वह पाकिस्तानी एंबेंसी के लगातार संपर्क में था और तीन बार पाकिस्तान भी जा चुका है।
पुछताछ में उन्होंने बताया कि वे म्यांमार के रखाईन प्रांत के मांडू के रहने वाले हैं और रोहिंग्या समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। आरपीएफ ने आगे की जाँच के लिए इन्हें जीआरपी को सौंप दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ये लोग त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रहे थे।