शहरयार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पाकिस्तान सरकार का ये एक्शन किसी बाहरी दबाव में नहीं हुआ है। ये कार्रवाई सभी प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ की गई है।
लड़ाकू विमान लगातार अभ्यास कर रहे हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय प्रशासन ने सीमा पर रहने वाले नागरिकों को पीछे हटने को भी कहा है। सीमा को खाली कराने की कोशिशें जारी है। सशस्त्र बलों ने लाहौर हवाई अड्डे को अपनी कड़ी निगरानी में ले रखा है।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने आज सुबह ही ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी लगातार समुद्र के जरिए भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास कर रहे हैं।
बीकानेर जिले के नाल सेक्टर इलाके में स्थित सीमा पर एक ड्रोन को सोमवार सुबह 11:30 बजे एयर फोर्स ने ड्रोन को मार गिराने के लिए सुखोई-30 एमकेआई का प्रयोग किया। हाल ही में कच्छ में भी ऐसे ही एक ड्रोन को मार गिराया गया था।
इसके अलावा बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में 300 के आसपास आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी RAW ने भी उपलब्ध कराई थी। सैटेलाइट के जरिए काफी संख्या में आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी भी जुटाई गई थी।
हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से हाफिज सईद के संगठनों पर बैन नहीं लगाया गया है, बल्कि सिर्फ निगरानी रखने की बात कही गई है।
साल 2014-17 के बीच पकड़े गए जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों में से 4 आतंकियों को प्रशिक्षण बालाकोट के उसी कैंप में मिला है जहाँ पर वायु सेना द्वारा हाल ही में हमला किया गया।
राहुल को आयुध फैक्ट्री और राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बीच का अंतर नहीं पता। राहुल को यह भी नहीं पता कि शिलान्यास और उद्घाटन में क्या फ़र्क़ होता है। कैग ने यूपीए कार्यकाल के दौरान ही सरकार के ढुलमुल रवैये पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया था।
दसॉ (राफेल की कंपनी) और मनमोहन सरकार में अचानक से कुछ मुद्दों पर मतभेद काफी बढ़ गया था। ED की नज़र राफेल डील में हुई देरी को लेकर मिशेल पर इसलिए भी टिक गई है क्योंकि उसने अचानक से यूरोफाइटर में अपनी दिलचस्पी बढ़ा ली थी।
बड़ी खबर यह है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का सरगना मसूद अजहर की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार उसकी 2 मार्च 2019 को ही मौत हो गई थी।