राष्ट्रीय सुरक्षा

जैश ने पाक आर्मी के साथ मिलकर पुलवामा हमले को अंजाम दिया, 8 साल पहले बॉर्डर पार से आई थी गाड़ी

पाकिस्तानी सेना से संबंधित मारुति ईको लगभग आठ साल पहले कश्मीर में पंजीकृत की गई थी। इसका मालिक अभी भी लापता है। इसी इको से पुलवामा हमले को अंज़ाम दिया गया था।

25942 बलिदान अब कभी भुलाए नहीं जाएँगे, PM मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल किया देश के नाम

"यह युद्ध स्मारक हमारे बहादुर सैनिकों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है, आज हम कह सकते हैं कि हमने देश के लिए एक और तीर्थ स्थल का निर्माण किया है"

देवबंद: आतंकियों से चली 4 घंटे पूछताछ, जैश के साथ संबंध सहित कई सवालों के मिले जवाब

शहनवाज ने कहा है कि वो आतंकी गतिविधियों में पिछले 18 महिनों से जुड़ा हुआ है जबकि आक़िब को इससे जुड़े 6 महीने हुए हैं।

पत्थरबाजी से सुरक्षाबलों का होता है मानवाधिकार हनन, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत

सुरक्षाबलों के मानवाधिकार संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी किया गया।

जैश पर प्रतिबंध: फ्रांस है भारत के साथ, मसूद अज़हर के भाई व कमांडरों पर भी कसेगी नकेल!

जैश के सरगना मसूद अज़हर के साथ-साथ उसके भाई अब्दुल रौफ़ असगर और अन्य जैश कमांडरों के ख़िलाफ़ भी संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।

बड़ी ख़बर | ज्यादा रिस्क, ज्यादा पैसा: अर्धसैनिक बलों के ‘जोख़िम व कठिनाई भत्ते’ में 78% की वृद्धि

इस फैसले से नक्सल प्रभावित राज्यों और जम्मू-कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ के 88,000 से अधिक जवानों और अधिकारियों को फायदा मिलेगा। इस से पहले केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के श्रीनगर जाने-आने के लिए हवाई यात्रा की व्यवस्था करने का निर्णय लिया था।

कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों में मुठभेड़, 3 आतंकी ढेर, DSP अमन ठाकुर को मिली वीरगति

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद सुरक्षा बलों ने घाटी में चौकसी और पैनी कर दी थी। आतंकवादियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन का तेज़ी के साथ विस्तार कर दिया था।

गोली क्यों मारना, जब कह के ले सकते हैं पाकिस्तान की!

युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होना चाहिए। युद्ध तब तक टाला जाना चाहिए जब तक हमारे अस्तित्व पर ही संकट न आ जाए।

दूसरों के दान और आतंक की खेती पर ज़िंदा पाकिस्तान युद्ध की बात करे तो तुग़लक़ याद आता है!

जैसे-जैसे भारत एक-एक कर कड़े क़दम उठाते हुए पाकिस्तान को घेर रहा है- चाहे पहले पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन‘ का दर्जा वापस ले लेना हो या अब सरकार ने अपने हिस्से का रावी, ब्यास और सतलुज के पानी को पाकिस्तान को देने की बजाय उस से यमुना को सींचने की योजना या उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में घुटने टेकने को मजबूर करना।

1267 क्या है? क्यों परेशान हैं पाकिस्तान, चीन और सऊदी अरब

भारत अगर इस प्रस्ताव को पारित करवाने में क़ामयाब होता है तो इससे पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर, पाकिस्तान और उसकी आतंक की फैक्ट्री पर रोकथाम लगाने के लिए उठाए गए कठोर कदमों को वैश्विक समर्थन हासिल होगा।

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