जवानों को जंगलों में ख़ाक छाननी होती है, अपनी जान खतरे में डालनी होती है, परिवार से दूर रहना पड़ता है - तब जाकर नक्सल वारदातें कम होती हैं और आम लोग चैन से सोते हैं। भूपेश बघेल जैसे नेता ये नहीं समझते।
ऑप्टिक्स और मेकेनिक्स के माध्यम से भारत के वैज्ञानिकों ने ये कमाल किया। सूर्य की किरणों को लेंस और दर्पण के माध्यम से सीधे राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया।
पत्रकारों ने एजेंडे के तहत सवाल पूछे। एक ने दावा कर दिया कि निज्जर की हत्या में भारत ने संलिप्तता स्वीकार कर ली, तो दूसरे ने भारत को छूट दिए जाने का आरोप लगा दिया।