आयरिश अभिनेता सिलियन मर्फी ने बताया कि रॉबर्ट ओपेनहाइमर के दिमाग और उनकी सोच को पकड़ने के लिए उन्होंने भगवद्गीता का अध्ययन किया, ये बहुत प्रेरणादायी पुस्तक है।
अहमदिया लोगों के फोन जमा कर लिए थे बल्कि आस-पास लगे कैमरों को भी बंद करवा दिया था। इस दौरान अहमदिया लोगों को बंधक बना लिया गया था जिन्हें मीनारों को गिराने के बाद छोड़ा गया।
यशस्वी जायसवाल पुराने मकान को छोड़कर नए घर में शिफ्ट होना चाहते थे। वह हमेशा से ही घरवालों से नए घर में शिफ्ट होने की ज़िद करते थे। अब उनका परिवार मुंबई में शिफ्ट हो गया है।
"उन लोगों (माँ, दादी, परदादी) ने मुझे उदाहरण देकर मुझे सिखाया है कि जिंदगी में कोई भी मायने नहीं रखता। तुम्हारी जिंदगी तुम्हारी खुद की जिम्मेदारी है और उसमें किसी और की राय मायने नहीं रखती।"