US ने उम्मीद की थी कि ईरान 2-3 हफ्तों की बमबारी में हथियार डाल देगा लेकिन भारी भरकम खर्च के बावजूद एक महीने से ज्यादा बीतने के बाद भी ईरान ठस से मस नहीं हो रहा है।
ये कट्टरपंथी जमात मजहब देखकर सबाब का काम करती है और ये भूल जाती है कि जिस सेना को ये लोग 'शराबी-बलात्कारी' बताते हैं वही सेना हर मुश्किल घड़ी पर सबसे आगे मदद के लिए रहती है।