"हमारा रुख स्पष्ट है कि हम सभी राष्ट्रों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं।" - संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि वैश्विक संगठन सभी देशों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने की अपील करता है।
कनिका की जाँच रिपोर्ट में भी भारी लापरवाही सामने आई थी। 20 तारीख को सामने आई जाँच रिपोर्ट में कनिका की उम्र 28 साल बताई गई थी, जबकि उनकी उम्र 40 साल है। वहीं कनिका को रिपोर्ट में 'पुरुष' भी बताया गया था।
5 जिलों के अलावा 7 शहरों में भी 22 मार्च की सुबह 7 बजे से लेकर 29 मार्च के रात 9 बजे तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। कोरोना वायरस के ओडिशा में अब तक 2 मामले आ चुके हैं लेकिन महाराष्ट्र व केरल जैसे राज्यों में स्थिति भयावह है।
21 साल की तानिया ने 10 साल पहले घुसपैठ किया। अरबी लिटरेचर की एमए फाइनल ईयर की यह छात्रा दो साल से लश्कर के लिए सक्रिय तौर पर काम कर रही थी। आतंकी संगठन के लिए भर्तियॉं करने से लेकर संवेदनशील सूचनाएँ जुटाने तक हर काम में वह संलिप्त थी।
"COVID-19 संकट रचनात्मक क्षेत्र सहित कई उद्योगों के लिए विनाशकारी है। लगभग सभी टेलीविजन और फिल्म निर्माण अब वैश्विक रूप से बंद हो गए हैं। इस वर्ग ने अच्छे समय में नेटफ्लिक्स की मदद की है। हम इस कठिन समय में उनकी मदद करना चाहते हैं।"
"पूरे देश में कोरोना वायरस सेकंड स्टेज पर है और अगर हम इसे यहीं रोकने में कामयाब होते है तो ये पूरी दुनिया के लिए एक मैसेज होगा। संक्रमण को रोकने के लिए हमारी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। सभी जिलों के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और पर्याप्त चिकित्साकर्मी तैनात किए गए हैं।"
35 वर्षीय तबरेज को 16 मार्च को कफ आने के बाद कोरोना के लक्षण का शक हुआ। फिर जब उसे क्वारंटाइन कर के जाँच किया गया तो पता चला कि उसे भी कोरोना वायरस ने जकड़ लिया है। चूँकि सीएए विरोधी आंदोलन में कई लोग जा रहे हैं और वो लोग वहाँ से निकलने के बाद अपने परिवार व अन्य लोगों से मिलते होंगे, शाहीन बाग़ अब पूरी दिल्ली के लिए ख़तरा बन चुका है।
NDTV के एंकर ने ट्वीट कर बताया है कि जुकाम होने के बाद वे पिछले 3 दिनों से सेल्फ आइसोलेशन में हैं। वे अपने परिवार के सदस्यों से 15 फीट की दूरी बनाकर रख रही हैं। हालॉंकि उनके टेस्ट की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
"हाथ मिलाने से मोहब्बत बढ़ती है यार, इससे बीमारी नहीं फैलती।" - Video में इस सीन के बाद सभी हाथ मिलाकर गले से भी लिपटते हैं। मकसद साफ है - मजहब के नाम पर बीमारी से बचाव के उपायों का मखौल उड़ाया जा रहा है।