सीएए दंगाइयों की हिंसा के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए पुलिस कॉन्स्टेबल रतन लाल के पार्थिव शरीर को उनके बुरारी स्थित निवास पर लाया गया। दिल्ली के चाँदबाग़ इलाक़े में भी फिर से हिंसा भड़कने की ख़बर है। वहाँ पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस के गोले दागने पड़े।
देश के एक जाँबाज पुलिसकर्मी की हत्या पर ख़ुशी मनाने वाले ये लोग इसी देश के हैं। हमनें 'ज़ी न्यूज़' के एक पोस्ट को खँगाला, जहाँ अली ख़ान, बाबा रउफ, इफ्तिखार अली, अवैस हैदर और इशाक वानी जैसे लोगों ने 'हाहा' रिएक्शन दे रखा था। ये कौन लोग हैं, आप ख़ुद देख लीजिए।
अब तक कुल 20 घरों को आग के हवाले किया जा चुका है और इतनी ही गाड़ियों को भी फूँका जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे के कारण अहमदाबाद में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिसका फायदा उठा कर हिन्दुओं के घरों व गाड़ियों को जला डाला गया।
अमित शाह ने पत्र में लिखा है कि रतन लाल एक बहादुर एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने कठिन चुनौतियों का सामना किया और एक सच्चे सिपाही की तरह उन्होंने देश की सेवा में अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है।
दिल्ली की एक अदालत ने जामिया हिंसा मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दी गई क्लीन चिट देने वाली कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को नए सिरे से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सोशल मीडिया के जरिए सामने आ रहे ये वीडियो दिल्ली के अशोक नगर के बताए जा रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मस्जिद के ऊपर चढ़कर मस्जिद के स्पीकर नीचे फेंक रहे हैं और उस पर कोई झंडा फहरा रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कई विषयों पर बातचीत की। CAA के सवाल पर डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने हुए कहा कि धार्मिक आजादी पर भारत अच्छा काम कर रहा है।
"लोग असंवेदनशील और अदूरदर्शी लोगों को सत्ता में बैठाने की कीमत चुका रहे हैं। भारत में नागरिकता कानून 1955 लागू था और उसमें किसी संशोधन की जरूरत नहीं पड़ी थी। तो कानून में अब संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी? संशोधन (सीएए) को तुरंत रद्द कर देना चाहिए।’’
भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी, जिसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था और सिंध में मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई थी, के लिए न्याय की माँग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'जस्टिस फॉर महक कुमारी', 'स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स' जैसे पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखे।
"अपने-आप को कमतर मत आँकिए। विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ये तब तक चलता रहेगा, जब तक दोनों उल्टी न कर दें। इंशाअल्लाह, हमारे बहुत सारे लोग जो ज़मीन पर उतरे हुए हैं और इस कोशिश में लगे हुए हैं कि एनआरसी एवं एनपीआर लागू नहीं हो, वे सफल होंगे।"