स्लोवाकिया देश सिर्फ अपनी बॉर्डर में सिर्फ ईसाई माइग्रेंट्स को ही आने की इजाजत देता है। यानी, अगर देश की सीमा पार करने की कोशिश कोई मुस्लिम करता है, तो उसे भगा दिया जाता है। इससे साफ़ है कि ये देश मुस्लिमों को सीमा में नहीं आने देना चाहता।
'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामिक आतंकवाद और पाकिस्तान का मसला जोर-शोर से उठाया। इससे पहले प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे के वक्त 'हाउडी मोदी' में भी उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद का मिलकर सफाया करने की बात कही थी।
इससे पहले सोनारपुर में बीजेपी नेता नारायण विश्वास की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पहले उनके पैरों पर गोली चलाई गई। जब वो जख्मी होकर नीचे गिर गए तो हमलावरों ने धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ वार किए थे।
साबरमती आश्रम में जब ट्रंप पीएम मोदी और भारत की शान में कसीदे पढ़े रहे थे, उससे पहले नेशनल हेराल्ड ने एक लेख छाप देश को नीचा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके मुताबिक, भारत पहला गरीब देश है जिसकी यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति आए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रैफिक जाम करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश हुई। अग्निश्मन दस्ते को मौके पर पहुॅंचने से रोका गया।
रिपोर्टों के मुताबिक रोहिंग्याओं को जमीन खरीद कर बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है। कुछ हज़ार रुपए खर्च करने पड़े इन्हें नेपाल की नागरिकता संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जा रहे हैं।
गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला ने दाऊद से जुड़े कई राज उगले हैं। बताया है कि कैसे मिर्जा दिलशाद बेग की वजह से डी गैंग का सरगना बच गया। उसने थाइलैंड और बांग्लादेश में भी दाऊद की पकड़ का खुलासा किया है।
ट्रंप की आगवानी के लिए अहमदाबाद पूरी तरह तैयार है। मोटेरा स्टेडियम में लोगों की एंट्री होने लगी है। इसके अलावा ट्रंप आगरा और दिल्ली की भी यात्रा करेंगे। इस दौरान पॉंच बड़े समझौतों की उम्मीद है।
वे सार्वजनिक तौर पर कम दिखती हैं। उनकी शख्सियत रहस्यमय है। दावा किया जाता है कि वे आइने में नजर नहीं आतीं और जिन्न पाल रखे हैं। अब उनकी कथित बेदअबी का खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ा है।