तीनों छात्रों के नाम आमिर, बासित और तालिब हैं। वीडियो में बैकग्राउंड में गाना बज रहा है- "खाई है ये कसम, खाई है ये कसम, सुन ले दुश्मन सभी, है ये दिल की सदा.. पाकिस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद।" वीडियो के बीच में एक छात्र आजादी के नारे भी लगाते हुए सुना जा सकता है।
पिछले वर्ष दिसंबर माह में मामले पर हुई सुनवाई को 15 फरवरी 2020 तक के लिए टाल दिया गया था। दिसंबर में भी कोर्ट ने थरूर को पाँच हजार रुपए की गारंटी जमा करने का निर्देश दिया था।
यह पहली बार नहीं है, या फिर इस प्रकार की रिपोर्टिंग करने वालों में बीबीसी ही अकेला नहीं है। बीबीसी की ही तर्ज पर दी लल्लनटॉप एक साल पहले इस तरह की रिपोर्ट शेयर कर चुका है। वैसे लल्लनटॉप एक बार हिटलर का लिंग भी नाप चुका है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य के किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। इस बारे में जब सीएम कमलनाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा- तो उतर जाएँ।
"छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्होंने औरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे, जो भारत के गौरव का प्रतीक हैं, उनका अपमान किया गया। उनकी प्रतिमा को गिराने के लिए जेसीबी मशीन। देश अपने महापुरुषों का अपमान सहन नहीं करेगा।"
कल्पना के साथ पूर्व एमएलए लिव इन रिलेशन में थे। कल्पना उन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। शादी के बहाने उसे साईं मंदिर बुलाया और रॉड से उसके तथा उसकी बेटी के सिर पर वार किया। फिर दोनों के चेहरे को गाड़ी से कुचल दिया।
CAA के समर्थन और पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर पुलवामा के बलिदानी जवानों की याद में साहेबपुर कमाल से बलिया तक केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 'भारतवंशी जागृति यात्रा' निकाली थी। यात्रा के दौरान उन्होंने बलिया प्रखंड कार्यालय स्थित अंबेडकर पार्क में लगी भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का माल्यार्पण किया था, जिसको लेकर...
'दी प्रिंट' की इस खबर में बताया गया था कि वित्त मंत्री ने मुंबई के उद्योगपतियों का अपमान किया है। इसके बाद वित्त मंत्री के व्यवहार पर ज्ञान देते हुए दी प्रिंट ने लिखा है कि निर्मला सीतारमण लोगों की खिंचाई करने के लिए जानी जाती हैं, खासतौर पर जब वो किसी मुद्दे पर हाशिए पर हों।
केजरीवाल छह मंत्रियों के साथ रविवार को शपथ लेंगे। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें सभी स्कूलों को आदेश दिया गया है कि वे अपने यहाँ से 20 शिक्षकों को शपथ ग्रहण स्थल पर भेजें।
मध्य प्रदेश में पहले तो तीर्थ दर्शन योजना के तहत चुने गए हजारों बुजुर्गों की यात्रा आखिरी समय में रद्द कर दी गई। उसके बाद कमलनाथ के मंत्री गोविंद सिंह ने इस योजना को बंद करने की वकालत करते हुए कहा कि आईफा अवॉर्ड जैसे आयोजन विकास के लिए जरूरी हैं।