Homeराजनीतिधर्म को 'अछूत' मानने वाले वामपंथियों ने गंगाजल से धोई अंबेडकर प्रतिमा... गिरिराज के...

धर्म को ‘अछूत’ मानने वाले वामपंथियों ने गंगाजल से धोई अंबेडकर प्रतिमा… गिरिराज के छूने से वो हुई थी ‘मैली’

अंबेडकर की प्रतिमा को धोने वाले कार्यकर्ताओं ने ऐसा करने के पीछे तर्क देते हुए कहा कि गिरिराज सिंह नफरत की राजनीति करते हैं और अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्होंने बाबा साहब की मूर्ति को अशुद्ध किया है।

बिहार में गंगाजल से धोकर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा के शुद्धिकरण का एक मामला सामने आया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह काम किसी और ने नहीं बल्कि बहुजन क्रांति मोर्चा, राजद और वाम दलों ने किया है।

यह मामला बिहार में बेगूसराय जिले के बलिया प्रखंड का है। यहाँ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद विपक्षी पार्टियों ने प्रतिमा सहित पूरे मंदिर परिसर को धोकर अपना विरोध जताया। ज्ञात हो कि गिरिराज सिंह बेगूसराय लोकसभा सीट से सांसद हैं और उन्होंने CPI नेता कन्हैया कुमार को हराया था।

नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के समर्थन और पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर पुलवामा के बलिदानी जवानों की याद में साहेबपुर कमाल से बलिया तक केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘भारतवंशी जागृति यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के दौरान उन्होंने बलिया प्रखंड कार्यालय स्थित अंबेडकर पार्क में लगी भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का माल्यार्पण किया। लेकिन इसके बाद शनिवार (फरवरी 15, 2020) को बहुजन क्रांति मोर्चा, राजद (RJD) और वाम दल के कार्यकर्ताओं ने पानी से धोकर उसका शुद्धीकरण किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अंबेडकर की प्रतिमा को धोने वाले कार्यकर्ताओं ने ऐसा करने के पीछे तर्क देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नफरत की राजनीति करते हैं और बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्होंने बाबा साहब की मूर्ति को अशुद्ध किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रेस फ्रीडम का पीटता है ढोल, लेकिन जर्नलिस्ट की कब्रगाह बना पाकिस्तान: बलूचिस्तान में 42 पत्रकारों की मौत, POK में जुल्म दिखाने पर मीडिया...

पाकिस्तान का प्रेस फ्रीडम क्या दिखाता है? वहाँ के पत्रकारों की हत्या, सच्चाई बोलने पर पाबंदी और विदेशी मीडिया के लिए अपने अनुसार बनाए गए नियम।

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।
- विज्ञापन -