"राहुल गाँधी अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं, कोई और शीर्ष नेता नहीं है। लेकिन पार्टी में ऐसे अन्य नेता हैं, जिनका अपना महत्व है, जिन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी में अपना योगदान दिया है। कॉन्ग्रेस का विरोध करने वाली पार्टियाँ उन पर किसी और से ज्यादा हमला करती रहती हैं, यह दर्शाता है कि वह अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं।"
"आज बम बाँध कर फटने वाले ज्यादातर आतंकी आखिर और किस मजहब को मानने वाले हैं? अगर इन में से ज्यादातर मुस्लिम ही हैं तो क्यों नहीं इनकी प्रोफाइलिंग की जाए?"
हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
कॉन्ग्रेस नेता रीना मिमरोत सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता के लिए पहले भी फर्जी खबरों के द्वारा घटिया और बेहद मूर्खतापूर्ण हरकतें करते हुए देखी गई हैं। रीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प जैसे दिखने वाले किसी आदमी की महिलाओं के साथ 'गंदी' तस्वीरें शेयर की थीं।
व्यास ने पठान को शहर आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा- "हम आपके लिए सही व्यवस्था करेंगे कि क्या आप यह समझते हैं कि हमने चूड़ियाँ पहन रखी हैं? हम आप से निपटने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम यह चाहते हैं कि समाज में आपसी भाईचारा बना रहे।"
जज मिश्रा ने कहा, "राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन चुनौतियाँ का न्यायपालिका आज सामना कर रही है, वे समान हैं, और इस लगातार बदलते विश्व में न्यायपालिका का एक अति महत्वपूर्ण रोल है।" उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक दूरदर्शी और प्रतिभाशाली पीएम बताया।
कॉलेज में 'आज़ादी' से जुड़े कई पोस्टर चस्पा मिल जाएँगे। जम्मू कश्मीर की 'आज़ादी' को लेकर भी कई पोस्टर लगाए गए हैं। कॉलेज के कार्यक्रमों का इस्तेमाल सीएए को लेकर भ्रम फैलाने के लिए किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर पर 'कब्जा' और तालाबंदी होने की बात कही गई है।
महाविकास अघाड़ी सरकार ने राज्यपाल से सीधे जनता से सरपंच चुनने के पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय को रद्द कर ग्राम पंचायत सदस्यों में से सरपंच चुनने संबंधी अध्यादेश जारी करने की शिफारिस की थी। जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया।
"जामिया के छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ। NPR को दिल्ली में लागू नहीं किया जाए। शाहीन बाग विरोध को लेकर दर्ज किए गए युवाओं के खिलाफ सभी मामलों को रद्द करें।"
महाशिवरात्रि की शाम के बाद वहाँ ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जैसा पिछले कुछ दशकों में शायद ही देखने को मिला हो। पूरा मंदिर प्रकाश से जगमग था और फूलों से सजाया गया था। पर्व के अवसर पर महा अभिषेक सहित कई अन्य प्रकार के पूजा-पाठ का आयोजन किया गया।