“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"
डीएस बिंद्रा AIMIM के दिल्ली महासचिव हैं। इन्होंने अपना फ्लैट बेचकर शाहीन बाग में खाने-पीने का इंतजाम कराया, जिसे मीडिया गिरोह ने 'मुस्लिम-सिख एकता' की चासनी में डूबो कर बेचा। आम आदमी पार्टी, कॉन्ग्रेस और PFI के समर्थन के बाद अब...
नाबालिग हिन्दू लड़की महक कुमारी का पहले अपहरण किया जाता है, फिर जबरन बुलवाया जाता है कि उसने इस्लाम अपना लिया है, और निकाह कर दिया जाता है। जब वो कोर्ट को बताती है कि उसने डर के साये में ऐसा कहा था और वह हिंदू बनकर अपने माँ-पिता के पास जाना चाहती है तो उसके लिए मौत की सजा माँगी जाती है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बिजली के बकाया भुगतानों और नई योजनाओं को बताने के लिए मंदिर और मस्जिद में लगे लाउड स्पीकर्स का उपयोग किया जाएगा। किसानों के लिए आसान किस्तों में ट्यूबवेल योजना के अलावा चल रही अन्य स्कीमों के बारे में जानकारी देने के लिए...
सुबह ही पुलिस ने स्पष्ट किया था कि प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन जेकेएलएफ से सम्बंधित संगठनों ने घाटी में आने वाले दिनों में हिंसा की घोषणा करते हुए पर्चे बाँटे हैं और वे एक गैरकानूनी संगठन के संदेशों और गतिविधियों का प्रचार कर रहे हैं। शाम होते-होते...
बल्लीमारान में 71.6% मतदान दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम मतदान दिल्ली छावनी में 45.4% हुआ है। दिल्ली में मतदान के बाद शनिवार को आए एग्जिट पोल के नतीजों में AAP को आसानी से जीत मिलती दिखाई दे रही है।
पीड़िता शाम को जब ऑफिस का काम खत्म करने के बाद निकलने वाली थीं, तभी शराब के नशे में धुत्त प्रधान लिपिक महमूद आलम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। CCTV से पता चला कि वह पूरे दिन 4 बार पीड़िता के कमरे में गया था, और शाम को तो...
सारे एग्जिट पोल्स में अपनी सरकार बनने की भविष्यवाणियों के बाद भी केजरीवाल एंड पार्टी शायद जमीनी हकीकत से वाकिफ है और इसीलिए प्रतिकूल चुनाव परिणामों के लिए ईवीएम को दोषी ठहराने के बाद अब चुनाव आयोग को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।
“कॉन्ग्रेस, बीजेपी व अन्य पार्टियाँ यहाँ उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार होने पर संत गुरु रविदास जी को कभी मान-सम्मान नहीं देती है, लेकिन सत्ता से बाहर होने पर फिर ये अपने स्वार्थ में इनके मन्दिरों/स्थलों आदि में जाकर किस्म-किस्म की नाटकबाजी जरूर करती हैं। इनसे सतर्क रहें।”
उग्र भीड़ ने थाने के बगल में स्थित झोपड़ी को भी जला डाला। सरकारी कागज़ात फाड़ डाले और कम्प्यूटरों व फर्नीचरों को तोड़ डाला। दंगाई भीड़ ने पूरे थाने को आगे के हवाले कर दिया। रिकॉर्ड रूम और और मालखाना को भी फूँक दिया। भीड़ में कम से कम 1000 लोग शामिल थे।