अंजलि ने होशियारी दिखाते हुए तार को बारूद से अलग कर दिया और तहखाने के लोहे के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद सिरफिरे ने कई बार दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया।
कश्मीरी पंडितों जितनी ही दर्दनाक कहानी है ब्रू लोगों की। 23 वर्षों तक उनके पास न घर, न जमीन, न चिकित्सा और न ही उनके बच्चों को अभी तक कोई शैक्षिक सुविधा ही प्राप्त हुई। क्यों? क्योंकि ये वैष्णव हिन्दू हैं, अत्यन्त राष्ट्रवादी हैं और इन्हें ईसाई बनना मंजूर नहीं था। लेकिन इन्होंने इसकी भारी कीमत चुकाई।
“मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।”
इसमें लिखा था - कार्टून प्रोग्राम छोटा भीम के क्रिएटर अब गाय की जर्नी पर एक एनिमिटेड फिल्म बनाएँगे। इसको शेयर करते हुए शादाब ने लिखा, “डिसक्लेमर: इसका थीम सॉन्ग ये होगा- गौ-मूत्र धूम मचाए, सामने कोई टिक न पाए, गौ माँ, गौ माँ, लिंचिंग वाली गौ माँ।”
2020-21 के लिए रक्षा बजट में 3,23,053 रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट 2019-20 में रक्षा क्षेत्र के लिए 3.18 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। रक्षा पेंशन के बजट को गत बजट के 1.17 लाख करोड़ से बढ़ाकर 1.37 लाख करोड़ रुपए किया गया है।
वित्त मंत्री ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए 16 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया। कहा कि सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुँचाया गया है।
जिसकी वार्षिक आय 10 लाख रुपए से लेकर 12.5 लाख रुपए तक है, उनके लिए इनकम टैक्स रेट अभी 30% था। इसे घटा कर 20% कर दिया गया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वालों के लिए टैक्स रेट 15% कर दिया गया है।
1 लाख ग्राम पंचायतों में 'होम टू फाइबर नेट' भारतनेट कनेक्शन पहुँचाए जाएँगे। 6 लाख आंगनबाड़ी सेंटरों को मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध करा 10 करोड़ परिवारों को विभिन्न फायदे पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। 2025 तक 100 नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। नवगठित संघ राज्यों के लिए 2020-21 में 30,757 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। इसमें से लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
यह विवाद हिंदू और मुस्लिमों के बीच पूजा को लेकर लंबे अरसे से चला आ रहा है। यह पूरा विवाद मंदिर की जगह को लेकर है, जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोग इसे मस्जिद का स्थान मानते हैं और वहीं हिंदू धर्म के लोग इसे सरस्वती माता का मंदिर का स्थान मानते हैं।