"मुझे हैरानी है कि वाइस चांसलर निष्क्रिय मुद्रा में मूक दर्शक बनकर बैठे हुए हैं। हमारे सिस्टम के नाकाम होने की इस अप्रत्याशित घटना पर वह चुप्पी साधे हैं। यह काम उन ताकतों द्वारा किया गया है, जिन्हें हमारी शिक्षा व्यवस्था पर कम या लंबे समय तक होने वाले नुकसान का अनुमान नहीं है।"
जिस वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी है उन्हें रविवार को अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के तुरंत बाद, शिक्षकों, छात्रों और ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों ने निष्कासित कर दिया था। कहा था कि जब तक वे कैंपस छोड़कर नहीं जाते विश्वविद्यालय प्रशासन का बहिष्कार किया जाएगा।
पूर्वी त्रिपुरा से सांसद रेबती कुमार को एनएलएफटी ने धमकी दी है। 1997 में इस संगठन को पोटा के तहत प्रतिबंधित किया गया था। रेबती राज्य के प्रमुख जनजाति नेताओं में शामिल हैं।
दंगाइयों से सख्ती दिखाने के लिए एक वर्ग यूपी पुलिस को बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा रचने में लगा है। इस बीच रायबरेली से ऐसी तस्वीरें सामने आई है जो बताती है कि आगजनी करने वालों से नरमी नहीं दिखाने वाली यही पुलिस आग में फॅंसे लोगों के लिए जान पर खेल जाती है।
जानकी ने अपने निबंध में लिखे कुछ वाक्यों को शेयर किया। साथ ही बहार की किताब का स्क्रीनशॉट भी ट्वीट में डाला। हैरानी की बात यह थी कि जानकी के आर्टिकल और बहार की किताब में लिखे शब्दों में कोई फर्क नहीं है।
सीएए के विरोध के नाम पर जामिया में हुई हिंसा के दौरान एक वीडियो सामने आया था। इसमें मौके पर अमानतुल्लाह हिंसक भीड़ के साथ नजर आए थे। उन्होंने विरोध के नाम पर हिंसा करने वाले छात्रों के समर्थन की बात भी कही थी।
आरिफ मोहम्मद खान ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि इसके जरिए मोदी सरकार ने महात्मा गॉंधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस द्वारा किए गए वादे को पूरा किया है।
उस कॉन्सर्ट में उपस्थित महिलाओं में से एक ने यह भी कहा कि हिजाब में भी लड़कियों को कैसे परेशान किया गया था। वहीं, बॉलीवुड की स्टारकास्ट सोनम कपूर, जिनकी एक्टिंग स्किल भी उनके पाखंड का ही यह एक नमूना है.....
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक शाम 6:40 बजे तक की गिनती के मुताबिक आम आदमी पार्टी को सिर्फ 33637 वोट मिले हैं जबकि NOTA के तहत 189792 वोट पड़ चुके है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कपिल कुमार ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपितों को राहत देने के लिए उनके पास पर्याप्त आधार नहीं है। जिसके कारण उन्हें बेल नहीं दी जा सकती है।